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सीजेपी प्रोटेस्ट और एसआईआर पर कांग्रेस का हमला, चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठाए सवाल

सीजेपी प्रोटेस्ट और एसआईआर पर कांग्रेस का हमला, चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठाए सवाल
सीजेपी प्रोटेस्ट और एसआईआर पर कांग्रेस का हमला, चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठाए सवाल

नई दिल्ली, 10 अक्टूबर (आईएएनएस)। एसआईआर और दिल्ली में सीजेआई प्रोटेस्ट को लेकर सियासत गरमा गई है। कांग्रेस ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर सीधा निशाना साधते हुए आयोग की निष्पक्षता पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। बंगाल से लेकर महाराष्ट्र और ओडिशा तक पार्टी के प्रदेश अध्यक्षों ने एक सुर में वोट चोरी, उपचुनाव में धांधली और संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। साथ ही महाराष्ट्र के किसानों के लिए एक लाख प्रति हेक्टेयर मुआवजे की मांग को लेकर सरकार को घेरा है।

दिल्ली में सीजेपी प्रोटेस्ट पर कांग्रेस के स्टेट प्रेसिडेंट शुभंकर सरकार ने कहा, "यह अराजकता है। अगर कोई अन्याय के खिलाफ आवाज उठाता है तो उसे अरेस्ट कर लेते हैं। यह कैसा तरीका है, क्योंकि कोई गलत आवाज नहीं उठा रहा है?"

उन्होंने कहा कि इसके पीछे एक कहानी है। जब चुनाव आयोग और केंद्र सरकार के बीच सांठगांठ से पूरे देश में वोट चोरी हो रही थी, तो राहुल गांधी ने उस वोट चोरी को लेकर एक ऐतिहासिक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। उस समय देश के आधे लोग राहुल गांधी का समर्थन कर रहे थे, जबकि बाकी आधे लोग सोच रहे थे कि वह क्या कह रहे हैं, लेकिन आज देश की पूरी जनता राहुल गांधी के साथ खड़ी है।

उपचुनाव के नतीजों पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने कहा, "मेरे हिसाब से अगर स्वतंत्र, निष्पक्ष और बिना डरे वोटिंग होती, तो नंदीग्राम से कांग्रेस उम्मीदवार जीत जाता और इस बारे में कोई विवाद नहीं है। जहां तक ​​रेजीनगर की बात है, अगर स्वतंत्र, निष्पक्ष और बिना डरे वोटिंग होती, तो वहां भी कांग्रेस उम्मीदवार जीत जाता।"

उन्होंने कहा कि दिक्कत तब होती है जब स्वतंत्र, निष्पक्ष और बिना डरे वोटिंग नहीं होती, तब अंदाजा लगाना बहुत मुश्किल हो जाता है और मार्केट में राजनीतिक विश्लेषक घूमने लगते हैं कि ऐसा हुआ या वैसा हुआ। एक बार स्वतंत्र, निष्पक्ष और बिना डरे वोटिंग करके देखिए कि जनता सच में किसे समर्थन करती है।

कांग्रेस नेता हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि क्या ज्ञानेश कुमार ने भाजपा को अपना वकील बनाया है? हम चुनाव आयोग से सबूत मांग रहे हैं। आयोग की गलतियां पहले ही साबित हो चुकी हैं। इसके बावजूद भाजपा इसका बचाव क्यों कर रही है? इससे सवाल उठते हैं।

वहीं, महाराष्ट्र में सूखे को लेकर उन्होंने कहा कि यहां भयंकर सूखा पड़ा है। पूरी खरीफ फसल बर्बाद हो गई है। सरकार ने अभी तक राहत पैकेज का ऐलान नहीं किया है, जो दिया जाना चाहिए था। सिर्फ सूखा घोषित करना काफी नहीं है। सरकार को तुरंत राहत पैकेज का ऐलान करना चाहिए और प्रभावित किसानों को 1 लाख रुपए प्रति हेक्टेयर मुआवजा देना चाहिए।

इसके अलावा, ओडिशा कांग्रेस प्रमुख भक्त चरण दास ने कहा कि चुनाव आयोग के खिलाफ जितने सवाल अभी उठे और प्रमाणित हुए, उन्हें तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए। सरकार उन्हें बचा रही है। सरकार एक व्यक्ति को गुलाम बनाकर लाभ उठा रही है जिसे देश की 140 करोड़ जनता के वोट का संरक्षक बनना चाहिए था, वो लुटेरा बना है।

उन्होंने कहा कि इनकी सोच में खोट है। ये हर हालत में चुनाव में वोटचोरी करके लगातार बने रहे, जनता के मामलों को नजरअंदाज किया। विदेश में हमारी छवि को खत्म कर दिया। दुनिया से दोगुनी बेरोजगारी हमारे देश में हो गई। संविधान का कोई सम्मान नहीं रह गया है। वे प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और ज्ञानेश कुमार, देश और महात्मा गांधी के विचारों के खिलाफ काम कर रहे हैं।

--आईएएनएस

केके/वीसी

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