CJP फाउंडर अभिजीत दीपके पर महाराष्ट्र में केस दर्ज, सरकारी स्कूल में बिना अनुमति घुसने और शिक्षकों को धमकाने का आरोप
कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके के खिलाफ महाराष्ट्र पुलिस ने केस दर्ज किया है। उन पर लातूर जिले के एक सरकारी स्कूल में बिना अनुमति प्रवेश करने, सरकारी काम में बाधा डालने और शिक्षकों को कथित तौर पर धमकाने के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने यह कार्रवाई शनिवार को एक शिक्षिका की शिकायत के आधार पर की। मामला औसा पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया है।
जानकारी के मुताबिक, यह एफआईआर जिला परिषद उर्दू स्कूल की शिक्षिका सय्यद शमशादबानो खैरातअली की शिकायत पर दर्ज हुई है। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है। वहीं, अभिजीत दीपके का लातूर दौरा उनके ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान का हिस्सा बताया जा रहा है। इस अभियान के तहत CJP देशभर के सरकारी स्कूलों की स्थिति का ऑडिट करने का दावा कर रही है।
सरकारी स्कूलों का ऑडिट कर रही CJP
अभिजीत दीपके और उनके सहयोगियों की ओर से ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत सरकारी स्कूलों की व्यवस्थाओं, सुविधाओं और वहां की स्थिति का जायजा लेने की बात कही गई है। संगठन का दावा है कि वह देशभर के सरकारी स्कूलों का ऑडिट कर रहा है और स्कूलों में मौजूद कमियों को सामने लाने की कोशिश कर रहा है।
लातूर जिले में भी इसी अभियान के तहत दीपके और उनके साथी सरकारी स्कूलों का दौरा कर रहे थे। इसी दौरान जिला परिषद उर्दू स्कूल में पहुंचने को लेकर विवाद हो गया।
बिना अनुमति प्रवेश का आरोप
शिक्षिका की शिकायत के अनुसार, अभिजीत दीपके और उनके साथियों ने स्कूल में बिना आवश्यक अनुमति प्रवेश किया। शिकायत में सरकारी काम में रुकावट डालने और शिक्षकों को कथित रूप से धमकाने के आरोप भी लगाए गए हैं।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। अब जांच के दौरान पुलिस यह पता लगाएगी कि स्कूल में वास्तव में क्या हुआ था, दीपके और उनके साथियों के पास स्कूल परिसर में प्रवेश की कोई अनुमति थी या नहीं और शिक्षकों के साथ कथित तौर पर किस तरह का व्यवहार किया गया।
स्कूल की व्यवस्था पर सवाल उठाने का अभियान
‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के जरिए CJP सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर सवाल उठाने की कोशिश कर रही है। अभियान के तहत स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं, शिक्षण व्यवस्था और अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किए जाने का दावा किया गया है।
हालांकि, सरकारी संस्थानों में निरीक्षण या ऑडिट को लेकर निर्धारित प्रक्रियाओं और अनुमति का पालन जरूरी होता है। लातूर में दर्ज मामले के बाद अब अभियान के तरीके और स्कूलों में प्रवेश की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
पुलिस जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
फिलहाल महाराष्ट्र पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले में संबंधित लोगों के बयान लिए जा सकते हैं और स्कूल में मौजूद रिकॉर्ड या अन्य साक्ष्यों की जांच की जा सकती है।
वहीं, अभिजीत दीपके के अभियान का उद्देश्य सरकारी स्कूलों की समस्याओं को सामने लाना बताया जा रहा है। अब पुलिस की जांच से यह स्पष्ट होगा कि स्कूल में हुई घटना के दौरान वास्तव में क्या परिस्थितियां थीं और लगाए गए आरोप कितने सही हैं। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।

