ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर CJP का ऐलान, वीडियो में जाने 2 अक्टूबर से देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर देशव्यापी आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया है। पार्टी ने कहा है कि अगर ज्ञानेश कुमार 48 घंटे की समयसीमा के भीतर पद से इस्तीफा नहीं देते हैं, तो 2 अक्टूबर से आंदोलन शुरू किया जाएगा। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि आंदोलन को धीरे-धीरे देश के अलग-अलग शहरों तक ले जाया जाएगा।
SIR को लेकर लगाए गंभीर आरोप
CJP ने यह मांग मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर उठाई है। अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि SIR की प्रक्रिया के दौरान देशभर में 13 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम हटाए गए और इससे लोगों के मतदान के अधिकार पर असर पड़ा। यह आंकड़ा और आरोप CJP की ओर से लगाए गए हैं; निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर SIR-2026 से जुड़ी मतदाता सेवाएं और मतदाता सूची संबंधी प्रक्रियाएं उपलब्ध हैं। पार्टी ने SIR से जुड़े रिकॉर्ड और फैसलों की जांच की मांग भी उठाई है। CJP की ओर से कहा गया है कि जब तक इन मुद्दों पर स्थिति स्पष्ट नहीं होती, तब तक वह अपने आंदोलन को जारी रखेगी।
14 फैसलों को लेकर भी सवाल
इस बीच महाराष्ट्र में SIR को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। याचिका में निर्वाचन आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त से जुड़े 14 प्रशासनिक फैसलों को चुनौती दी गई है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि ये फैसले अन्य दो चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों के बावजूद लिए गए। याचिका में इन फैसलों को रद्द करने, SIR के दौरान हटाए गए मतदाताओं के नाम बहाल करने और महाराष्ट्र में SIR प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की गई है।
चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों का भी मुद्दा
मामले को लेकर सामने आई रिपोर्टों में दावा किया गया है कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने SIR से जुड़े मुद्दों पर कई बार सवाल उठाए थे। News9 की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों चुनाव आयुक्तों ने 10 महीने की अवधि में SIR के क्रियान्वयन को लेकर 14 बार सवाल या आपत्तियां दर्ज की थीं। हालांकि, इन रिपोर्टों में सामने आए दावों और उनके कानूनी प्रभाव का अंतिम निर्धारण संबंधित न्यायिक और आधिकारिक प्रक्रियाओं से ही होगा।
महाराष्ट्र में हाईकोर्ट में याचिका
बॉम्बे हाईकोर्ट की कोल्हापुर पीठ के समक्ष दायर याचिका में SIR से संबंधित प्रक्रिया और चुनाव आयोग की ओर से लिए गए फैसलों की संवैधानिक वैधता पर सवाल उठाए गए हैं। याचिकाकर्ताओं ने अदालत से संबंधित आदेशों को रद्द करने और हटाए गए मतदाताओं के नाम बहाल करने की मांग की है। मामले पर आगे की कानूनी कार्यवाही के बाद ही अदालत का रुख स्पष्ट होगा।फिलहाल एक तरफ CJP ने 2 अक्टूबर से देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी है, वहीं दूसरी तरफ महाराष्ट्र में SIR को लेकर न्यायिक चुनौती सामने आई है। चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर SIR-2026 से संबंधित मतदाता सेवाएं और चुनावी सूची की जानकारी उपलब्ध है।

