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CJI सूर्यकांत ने INDIA ब्लॉक के नेताओं को मिलने का समय देने से किया इनकार, वीडियो में बोले- सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करें

CJI सूर्यकांत ने INDIA ब्लॉक के नेताओं को मिलने का समय देने से किया इनकार, वीडियो में बोले- सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करें

भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने INDIA ब्लॉक के विपक्षी नेताओं की मुलाकात की मांग ठुकरा दी है। विपक्षी नेता विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के विरोध और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर मुख्य न्यायाधीश को ज्ञापन सौंपना चाहते थे। हालांकि, CJI ने स्पष्ट किया कि संबंधित मामला पहले से ही सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। ऐसे में विपक्षी नेताओं को अपनी मांगों के लिए उचित कानूनी प्रक्रिया अपनाते हुए याचिका दाखिल करनी चाहिए।

जानकारी के मुताबिक, मुख्य न्यायाधीश ने ईमेल के जरिए विपक्षी नेताओं को अपने फैसले का कारण भी बताया। इस घटनाक्रम के बाद विपक्ष की ओर से अपनी मांगों को अदालत के सामने रखने के लिए आगे क्या कदम उठाए जाएंगे, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं।

सोमवार को मुलाकात का समय मांग रहे थे विपक्षी नेता

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने रविवार को बताया था कि विपक्षी नेताओं ने मुख्य न्यायाधीश से मुलाकात के लिए सोमवार शाम 4 बजे से 5 बजे के बीच का समय मांगा था। विपक्ष का प्रतिनिधिमंडल CJI सूर्यकांत से मिलकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग से संबंधित ज्ञापन सौंपना चाहता था।

विपक्षी दल SIR प्रक्रिया को लेकर अपनी आपत्तियां उठा रहे हैं। उनका कहना है कि इस मुद्दे पर संबंधित संस्थाओं के सामने अपनी बात रखी जानी चाहिए। इसी क्रम में विपक्षी नेता मुख्य न्यायाधीश से मुलाकात करना चाहते थे, ताकि अपनी चिंताओं और मांगों को उनके सामने प्रस्तुत कर सकें।

हालांकि, CJI ने मुलाकात की अनुमति देने के बजाय विपक्षी नेताओं को न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से अदालत का रुख करने की सलाह दी। उनका कहना था कि जब मामला पहले से सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है, तो उस पर आगे की कार्रवाई निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के अनुसार होनी चाहिए।

SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे का मुद्दा

SIR यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया है। इस प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दल लगातार सवाल उठा रहे हैं। विपक्षी नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को भी अपने विरोध का हिस्सा बनाया है।

विपक्ष का प्रतिनिधिमंडल इसी मुद्दे पर मुख्य न्यायाधीश को ज्ञापन सौंपना चाहता था। हालांकि, मुख्य न्यायाधीश की ओर से मुलाकात से इनकार किए जाने के बाद विपक्ष के लिए अदालत में अपनी बात रखने का रास्ता याचिका दाखिल करना होगा। इस मामले में किसी भी न्यायिक निर्णय के लिए संबंधित याचिकाओं और उनके आधार पर विचार किया जाएगा।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मिल चुका है विपक्षी प्रतिनिधिमंडल

इससे पहले 9 अक्टूबर को विपक्षी सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिला था। इस मुलाकात के दौरान भी विपक्ष ने SIR प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी थी।

अब मुख्य न्यायाधीश से मुलाकात की मांग खारिज होने के बाद राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर इस मुद्दे पर आगे की गतिविधियां महत्वपूर्ण होंगी। विपक्ष की ओर से याचिका दाखिल किए जाने की स्थिति में मामला अदालत की निर्धारित प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ सकता है।

फिलहाल, CJI सूर्यकांत ने स्पष्ट किया है कि विचाराधीन मामले में विपक्षी नेताओं को मुलाकात के बजाय न्यायिक प्रक्रिया का सहारा लेना चाहिए। अब देखना होगा कि विपक्ष इस सलाह के बाद क्या कदम उठाता है और SIR तथा मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे से जुड़ा विवाद आगे किस दिशा में बढ़ता है।

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