चुनावी वादों का रोडमैप बताएं अखिलेश, विपक्ष की कथनी और करनी में अंतर: संजय निषाद
लखनऊ, 28 सितंबर (आईएएनएस)। कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के सरकार पर लगाए जा रहे आरोपों और उनके चुनावी वादों को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने वादों को लागू करने के लिए फंडिंग और रोडमैप की जानकारी मांगी। वहीं, राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने चिराग पासवान के यूपी विधानसभा चुनाव लड़ने के ऐलान, चंद्रशेखर आजाद को लेकर मायावती के दावे और अखिलेश यादव की चुनावी टिप्पणियों पर अपनी राय रखी।
संजय निषाद ने अखिलेश यादव पर आरोप लगाया कि उनके पास केवल नकारात्मक राजनीति और भ्रम फैलाकर वोट लेने की रणनीति है। उन्होंने सवाल किया कि जो वादे किए जा रहे हैं, उन्हें पूरा करने के लिए फंडिंग और उनका रोडमैप क्या है। निजीकरण और सरकारी नौकरियों का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों के दौरान भी कई निजीकरण संबंधी समझौते हुए थे और उस समय इसका विरोध क्यों नहीं किया गया। निषाद ने कहा कि वर्तमान सरकार कर्मचारियों और पेंशन से जुड़े मामलों में नई व्यवस्थाओं के जरिए लोगों को लाभ देने का काम कर रही है। केंद्र सरकार की ओर से कर्मचारियों के खाते खोले गए और पेंशन की व्यवस्था की गई, जबकि पहले इस दिशा में पर्याप्त काम नहीं हुआ था। विपक्ष की कथनी और करनी में अंतर है।
जलभराव, अस्पतालों की व्यवस्था और विकास कार्यों को लेकर अखिलेश यादव द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर संजय निषाद ने प्राकृतिक आपदाओं और भारी बारिश का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मूसलाधार बारिश, चक्रवात और आंधी-तूफान जैसी परिस्थितियों का असर किसी भी व्यवस्था पर पड़ सकता है। हर चीज को हर परिस्थिति के लिए पूरी तरह वाटरप्रूफ नहीं बनाया जा सकता। संजय निषाद ने प्रदेश में सड़कों की स्थिति की तुलना 2017 से पहले और उसके बाद की व्यवस्था से करते हुए कहा कि जनता दोनों दौर का अंतर देख रही है।
ईवीएम, चुनाव आयोग, सरकार, राम मंदिर में चंदे और जमीन से जुड़े कथित घोटालों को लेकर अखिलेश यादव के सवालों पर संजय निषाद ने आरोपों के प्रमाण पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार और संत इन मामलों में शामिल नहीं हैं। सरकार और संतों को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। संतों को बदनाम करने पर उनका आशीर्वाद नहीं मिलेगा। गलत काम करने वाले को सजा ईश्वर और सरकार दोनों की ओर से मिल सकती है।
वही, राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने चिराग पासवान के 2027 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव लड़ने के ऐलान पर कहा कि वह अपनी पार्टी के नेता हैं और इस संबंध में अपनी बात रख सकते हैं। एनडीए का गठबंधन केंद्र और प्रदेश दोनों स्तरों पर है और इस मुद्दे पर बैठकर बातचीत के जरिए समाधान निकाला जा सकता है।
मायावती के इस दावे पर कि 2024 में लोकसभा चुनाव में भाजपा ने चंद्रशेखर आजाद को चुनाव जितवाया, हंसराज विश्वकर्मा ने इसे सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा अपनी पार्टी को चुनाव जिताने का प्रयास करेगी, किसी दूसरी पार्टी के उम्मीदवार को जिताने का नहीं।
यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर अखिलेश यादव की टिप्पणियों पर हंसराज विश्वकर्मा ने कहा कि इसमें तंज कसने जैसी कोई बात नहीं है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव 2017 और 2022 में चुनाव हार चुके हैं और 2027 में भी हारेंगे। उन्होंने आगे कहा कि उनकी पार्टी गठबंधन के साथ दो-तिहाई बहुमत और 300 से अधिक सीटों के आंकड़े तक पहुंचेगी।
--आईएएनएस
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