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चुनावी हार पर आत्ममंथन की जरूरत, परफेक्ट मानते ही ग्रोथ रुक जाती है: उदित राज

नई दिल्ली, 20 जनवरी (आईएएनएस)। कांग्रेस नेता उदित राज ने पार्टी की चुनावी हार, सामाजिक न्याय के मुद्दे और प्रयागराज में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े मामले को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने साफ कहा कि कोई भी संगठन या व्यक्ति पूरी तरह परफेक्ट नहीं हो सकता और अगर खुद को परफेक्ट मान लिया जाए, तो आगे बढ़ना रुक जाता है।
चुनावी हार पर आत्ममंथन की जरूरत, परफेक्ट मानते ही ग्रोथ रुक जाती है: उदित राज

नई दिल्ली, 20 जनवरी (आईएएनएस)। कांग्रेस नेता उदित राज ने पार्टी की चुनावी हार, सामाजिक न्याय के मुद्दे और प्रयागराज में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े मामले को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने साफ कहा कि कोई भी संगठन या व्यक्ति पूरी तरह परफेक्ट नहीं हो सकता और अगर खुद को परफेक्ट मान लिया जाए, तो आगे बढ़ना रुक जाता है।

उदित राज ने आईएएनएस से कहा, "कुछ न कुछ वजह जरूर है कि हम चुनाव हार रहे हैं। हमारा कर्तव्य है कि हम इसकी समीक्षा करें और आत्ममंथन करें। जिस दिन हम खुद को परफेक्ट मान लेंगे, उस दिन हमारी और किसी की भी ग्रोथ रुक जाएगी। अगर हम परफेक्ट हैं, तो फिर चुनाव क्यों हार रहे हैं? इसलिए आत्मचिंतन जरूरी है।"

पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के बयान पर बोलते हुए उदित राज ने कहा कि चन्नी वही बात कह रहे हैं जो राहुल गांधी की सोच और दर्शन के अनुरूप है।

उन्होंने बताया कि कांग्रेस पार्टी ने उदयपुर और फिर रायपुर में बड़े सम्मेलन किए, जहां सामाजिक न्याय को लागू करने की बात कही गई, लेकिन अब तक यह जमीन पर पूरी तरह लागू नहीं हो पाया है।

उदित राज ने कहा, "समाज के सभी वर्गों का प्रतिनिधित्व होना चाहिए। कांग्रेस के ज्यादातर वोटर दलित, मुस्लिम और कमजोर वर्गों से आते हैं। पंजाब की स्थिति थोड़ी चिंताजनक है। अगर सिर्फ एक ही जाति के लोग सभी पदों पर बैठे होंगे, तो इससे दलितों को गलत संदेश जाएगा।"

उदित राज ने यह भी कहा कि कांग्रेस पार्टी ने हमेशा दलितों के उत्थान के लिए काम किया है और आगे भी करती रहेगी। कोई और पार्टी यह काम कांग्रेस से बेहतर नहीं कर सकती। लेकिन, इन मुद्दों को सही मंच पर और सही तरीके से उठाया जाना चाहिए, ताकि चर्चा सकारात्मक दिशा में हो।

इसके अलावा, उदित राज ने प्रयागराज में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के साथ हुए घटनाक्रम की निंदा की।

उन्होंने कहा, "शंकराचार्य के साथ अन्याय हुआ है। यह सरकार ऐसी है कि चाहे कोई संत हो या आम आदमी, अगर वह उनकी इच्छा के अनुसार काम नहीं करता, तो उसके साथ दुर्व्यवहार किया जाता है, उसे पिटवाया जाता है, झूठे मुकदमे दर्ज कराए जाते हैं और उसे अपमानित किया जाता है।"

--आईएएनएस

वीकेयू/एबीएम

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