Samachar Nama
×

चुनाव आयोग ने तमिलनाडु विधानसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा की

नई दिल्ली, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। चुनाव आयोग ने तमिलनाडु विधानसभा चुनाव को स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से कराने के लिए सख्त तैयारियां शुरू कर दी हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने चुनाव आयुक्त डॉ. एसएस संधू और डॉ. विवेक जोशी के साथ मिलकर राज्य में तैनात सभी केंद्रीय पर्यवेक्षकों की समीक्षा बैठक की।
चुनाव आयोग ने तमिलनाडु विधानसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा की

नई दिल्ली, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। चुनाव आयोग ने तमिलनाडु विधानसभा चुनाव को स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से कराने के लिए सख्त तैयारियां शुरू कर दी हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने चुनाव आयुक्त डॉ. एसएस संधू और डॉ. विवेक जोशी के साथ मिलकर राज्य में तैनात सभी केंद्रीय पर्यवेक्षकों की समीक्षा बैठक की।

तमिलनाडु में 23 अप्रैल 2026 को एक चरण में 234 विधानसभा सीटों पर मतदान होगा। इसको लेकर शुक्रवार को आयोजित बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कुल 326 केंद्रीय पर्यवेक्षकों ने हिस्सा लिया। इनमें 136 सामान्य पर्यवेक्षक, 40 पुलिस पर्यवेक्षक और 150 व्यय पर्यवेक्षक शामिल हैं। तमिलनाडु के मुख्य निर्वाचन अधिकारी भी इस बैठक में जुड़े।

बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त ने पर्यवेक्षकों को साफ निर्देश दिए कि वे चुनाव को उत्सव के माहौल में कराने पर पूरा ध्यान दें। मतदान पूरी तरह स्वतंत्र और निष्पक्ष होना चाहिए। किसी भी तरह के प्रलोभन, धमकी, या हिंसा को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आयोग ने आदर्श आचार संहिता का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया। अगर कहीं कोई उल्लंघन होता है, तो तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

पर्यवेक्षकों को यह भी कहा गया कि वे अपने संपर्क नंबर और शिकायत सुनने के स्थान-समय की अच्छी तरीके से जानकारी दें। आम जनता, राजनीतिक दल, उम्मीदवार और उनके एजेंट आसानी से अपनी शिकायतें दर्ज करा सकें।

मतदान प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर ध्यान देने को कहा गया। इसमें पीठासीन अधिकारियों का सही प्रशिक्षण शामिल है। हर दो घंटे पर और मतदान खत्म होने के बाद वोटर टर्नआउट की जानकारी समय पर ईसीआईएनईटी के वोटर टर्नआउट मॉड्यूल में दर्ज करनी होगी। अमिट स्याही का सही इस्तेमाल, फॉर्म 17-सी को ठीक से भरना और मतदान एजेंटों के साथ साझा करना भी जरूरी है। मॉक पोल का डेटा मतदान शुरू होने से पहले हटा देना चाहिए।

सभी मतदान केंद्रों पर न्यूनतम सुविधाएं मुहैया कराने के निर्देश भी दिए गए। इसमें मोबाइल फोन जमा करने की व्यवस्था और मतदाताओं के लिए बैठने की बेंच शामिल हैं। गर्म मौसम को देखते हुए हर केंद्र पर पर्याप्त पीने का पानी और छाया की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।

वेबकास्टिंग की निगरानी के लिए नियंत्रण कक्ष की व्यवस्थाओं की अच्छी जांच की जाए। वहां तैनात सभी कर्मचारियों की मौजूदगी में ट्रायल रन यानी पूर्वाभ्यास जरूर किया जाए। इन कर्मचारियों को किसी भी गड़बड़ी को तुरंत पहचानने और चिह्नित करने की अच्छी ट्रेनिंग दी जाए।

चुनाव आयोग का मानना है कि केंद्रीय पर्यवेक्षक चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता के मजबूत स्तंभ हैं। उनकी सक्रिय भूमिका से मतदाता बिना किसी डर या लालच के अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे। तमिलनाडु में मतदान से पहले आयोग की यह समीक्षा बैठक चुनाव तैयारियों को और मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम कदम है।

--आईएएनएस

एमएस/

Share this story

Tags