Samachar Nama
×

'चुनाव आयोग का काम निष्पक्ष', यूपी में ड्राफ्ट मतदाता सूची से 2.89 करोड़ नाम काटने पर बोले भाजपा नेता

नई दिल्ली, 7 जनवरी (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के बाद ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी की गई है, जिसमें लगभग 2.89 करोड़ लोगों को बाहर किया गया है। इस प्रक्रिया की प्रशंसा करते हुए भाजपा नेताओं ने कहा कि चुनाव आयोग का काम निष्पक्ष है।
'चुनाव आयोग का काम निष्पक्ष', यूपी में ड्राफ्ट मतदाता सूची से 2.89 करोड़ नाम काटने पर बोले भाजपा नेता

नई दिल्ली, 7 जनवरी (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के बाद ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी की गई है, जिसमें लगभग 2.89 करोड़ लोगों को बाहर किया गया है। इस प्रक्रिया की प्रशंसा करते हुए भाजपा नेताओं ने कहा कि चुनाव आयोग का काम निष्पक्ष है।

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा, "ड्राफ्ट मतदाता सूची आ चुकी है। सभी बूथ कार्यकर्ता उसका अध्ययन करके सुचिता और पारदर्शितापूर्ण मतदाता सूची बनाने में चुनाव आयोग की मदद करें।"

प्रदेशवासियों से अपील करते हुए ब्रजेश पाठक ने कहा, "वह अपना नाम मतदाता सूची में देखें। अगर कोई गलती है तो उसमें अभी सुधार करने का मौका है। पात्र लोगों को अपने नाम मतदाता सूची में शामिल कराना चाहिए।" इस दौरान विरोधियों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, "अखिलेश यादव अपनी संभावित हार देख रहे हैं। समाजवादी पार्टी के गुंडा और जंगलराज को कभी कोई स्वीकार नहीं करेगा।"

भाजपा सांसद योगेंद्र चंदोलिया ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 2.89 करोड़ लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं। आपत्ति दर्ज कराने के लिए एक महीने का समय दिया गया है, और लोग अपने-अपने सेंटरों पर नाम चेक कर रहे हैं। इतनी बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने से पता चलता है कि वोटर लिस्ट लंबे समय से अपडेट नहीं हुई थी।

उन्होंने कहा कि यह चुनाव आयोग का काम निष्पक्ष है। वैध मतदाताओं को नाम जोड़ने के लिए एक महीने का समय और दिया जा रहा है। जो लोग आपत्ति या दावा दर्ज नहीं कराएंगे तो उनके वोट मतदाता सूची में शामिल नहीं होंगे। योगेंद्र चंदोलिया ने कहा कि हटाए गए मतदाताओं में रोहिंग्या हो सकते हैं। इसके अलावा मृतकों के नाम और शिफ्टेड लोगों के नाम शामिल हैं।

उत्तर प्रदेश की ड्राफ्ट मतदाता सूची पर बिहार सरकार में मंत्री लखेंद्र कुमार पासवान ने कहा कि चुनाव आयोग निष्पक्ष रूप से काम करता है और सही फैसले लेता है और वोटर लिस्ट में पारदर्शिता बहुत जरूरी है।

उन्होंने कहा, "बिहार में हाल के चुनावों में देखा गया, 15-20 साल पहले मर चुके लोगों के नाम भी वोटर लिस्ट में पाए गए। पहले, विपक्षी पार्टियों ने आरोप लगाया था कि 'वोट चोरी' हो रही है, लेकिन जनता की प्रतिक्रिया के बाद अब वे आरोप झूठे साबित हो गए हैं। उत्तर प्रदेश या किसी भी दूसरे राज्य में भी ऐसी ही समस्याएं आ सकती हैं।"

--आईएएनएस

डीसीएच/

Share this story

Tags