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नासिक कुंभ मेले से पहले भूजल में मिला कैंसर से जुड़ा क्रोमियम-6, वीडियो में जाने तय सीमा से 1000 गुना से ज्यादा मात्रा का दावा

नासिक कुंभ मेले से पहले भूजल में मिला कैंसर से जुड़ा क्रोमियम-6, वीडियो में जाने तय सीमा से 1000 गुना से ज्यादा मात्रा का दावा

महाराष्ट्र के नासिक में अगस्त 2027 में होने वाले कुंभ मेले से पहले भूजल प्रदूषण को लेकर चिंता बढ़ गई है। कुंभ मेले के आयोजन स्थल के पास स्थित अंबड औद्योगिक क्षेत्र के भूजल में कैंसर से जुड़े जहरीले तत्व क्रोमियम-6 की मौजूदगी सामने आने का दावा किया गया है। एक प्रयोगशाला जांच में इसकी मात्रा 50.3 मिलीग्राम प्रति लीटर दर्ज की गई। यह पेयजल में निर्धारित 0.05 मिलीग्राम प्रति लीटर की सीमा से 1,000 गुना से भी अधिक है।

दक्षिण एशिया बांध, नदियां और जन संगठन के लिए कराई गई जांच के नतीजों ने स्थानीय लोगों की सेहत और गोदावरी नदी के पानी की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर कुंभ मेले के दौरान गोदावरी में स्नान करने के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई जा रही है। संगठन ने दूषित नाले और गोदावरी नदी के पानी के नमूनों की जांच कराने की मांग की है।

भूजल में क्रोमियम-6 मिलने का दावा

प्रयोगशाला जांच के मुताबिक, अंबड औद्योगिक क्षेत्र के भूजल में क्रोमियम-6 की मात्रा 50.3 मिलीग्राम प्रति लीटर पाई गई। पेयजल के लिए बताई गई 0.05 मिलीग्राम प्रति लीटर की सीमा से इसकी मात्रा काफी अधिक है।क्रोमियम-6 को स्वास्थ्य के लिए खतरनाक माना जाता है। इसके संपर्क में आने से कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा हो सकता है। लंबे समय तक इसके संपर्क में रहना विशेष रूप से चिंता का विषय है। हालांकि, जांच में सामने आए आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि, नमूनों के स्थान और परीक्षण की परिस्थितियों की जानकारी भी महत्वपूर्ण होगी, ताकि प्रदूषण की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सके।

औद्योगिक इकाइयों पर उठे सवाल

अंबड औद्योगिक क्षेत्र में कई फैक्टरियां संचालित हैं। ऐसे में भूजल में जहरीले तत्व की मौजूदगी सामने आने के बाद औद्योगिक प्रदूषण की आशंका को लेकर सवाल उठ रहे हैं। महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 30 सितंबर को एक कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया था।इसके अलावा, इलाके की 15 फैक्टरियों को बंद करने के नोटिस दिए जाने या उन्हें सील किए जाने की खबरें भी सामने आई हैं। हालांकि, प्रत्येक इकाई के खिलाफ की गई कार्रवाई और उसके पीछे के कारणों की विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना जरूरी है। जांच के आधार पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि प्रदूषण के स्रोत क्या हैं और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।

मुख्यमंत्री के सामने रखी गई रिपोर्ट

नासिक के जिलाधिकारी आयुष प्रसाद ने रविवार को दौरे पर पहुंचे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सामने भी यह रिपोर्ट रखी। कुंभ मेले की तैयारियों के बीच भूजल प्रदूषण का मुद्दा प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण हो गया है।कुंभ मेले में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। ऐसे में पेयजल की गुणवत्ता, औद्योगिक अपशिष्ट के निस्तारण और गोदावरी नदी की स्वच्छता सुनिश्चित करना अहम होगा।

गोदावरी के पानी की जांच की मांग

संगठन ने दूषित नाले और गोदावरी नदी के पानी की जांच कराने की मांग की है। इससे यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि औद्योगिक क्षेत्र में सामने आया प्रदूषण नदी तक पहुंच रहा है या नहीं।फिलहाल, भूजल में क्रोमियम-6 की मात्रा को लेकर सामने आए दावे की स्वतंत्र पुष्टि और प्रदूषण के स्रोत की पहचान अहम है। प्रशासन और संबंधित एजेंसियों की जांच के नतीजों से ही यह स्पष्ट होगा कि स्थानीय लोगों और कुंभ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए कितना जोखिम है तथा इसे रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाने चाहिए।

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