चित्रक: आयुर्वेद की वह जड़ी-बूटी, जो पेट से लेकर जोड़ों तक सब का रखती है ख्याल
नई दिल्ली, 15 जनवरी (आईएएनएस)। आयुर्वेद में कई ऐसी जड़ी-बूटियां हैं, जो सदियों से लोगों के स्वास्थ्य का सहारा बनी हुई हैं। इन्हीं में से एक है चित्रक। दिखने में साधारण लेकिन गुणों में बेहद शक्तिशाली यह औषधि खास तौर पर अपनी जड़ के लिए जानी जाती है। पुराने समय में जब आधुनिक दवाइयां नहीं थीं, तब पेट की गड़बड़ी, जोड़ों के दर्द और कई अंदरूनी बीमारियों में चित्रक का इस्तेमाल आम बात थी। आज भी आयुर्वेद में इसका महत्व उतना ही बना हुआ है।
सबसे पहले बात करें पाचन की, तो चित्रक को पेट का सच्चा दोस्त कहा जा सकता है। जिन लोगों को भूख कम लगती है, खाना ठीक से नहीं पचता, गैस बनती है या बार-बार पेट फूलने की शिकायत रहती है, उनके लिए चित्रक बहुत उपयोगी माना जाता है। यह पाचन अग्नि को तेज करता है, जिससे खाना जल्दी और ठीक तरह से पचता है। आयुर्वेद के अनुसार जब पाचन सही होता है, तो आधी बीमारियां अपने आप दूर हो जाती हैं।
चित्रक की एक और खासियत है इसके कृमिनाशक गुण। पेट में कीड़े होना बच्चों से लेकर बड़ों तक की आम समस्या है। सीमित और सही मात्रा में चित्रक का उपयोग पेट के कीड़ों को खत्म करने में मदद करता है। यही वजह है कि पुराने वैद्य इसे आंतों से जुड़ी समस्याओं में अहम औषधि मानते थे।
अब बात करें जोड़ों और हड्डियों की तो चित्रक यहां भी पीछे नहीं है। यह वात और कफ दोष को संतुलित करने में मदद करता है। गठिया, जोड़ों का दर्द, सूजन, कमर दर्द या शरीर में अकड़न जैसी समस्याओं में चित्रक का उपयोग लाभदायक माना जाता है। कई जगहों पर इसका लेप बनाकर दर्द वाली जगह पर लगाया जाता है, जिससे आराम मिलता है। खासतौर पर ठंड के मौसम में जब जोड़ों का दर्द बढ़ जाता है, तब चित्रक उपयोगी साबित हो सकता है।
त्वचा से जुड़ी परेशानियों में भी चित्रक का नाम लिया जाता है। दाद, खुजली, फोड़े-फुंसी या पुराने त्वचा रोगों में इसके जीवाणुनाशक गुण काम आते हैं। आयुर्वेद मानता है कि त्वचा रोग अक्सर खराब रक्त और पाचन से जुड़े होते हैं, और चित्रक दोनों पर असर डालता है। यही कारण है कि इसे रक्त शुद्ध करने वाली औषधियों में भी शामिल किया जाता है।
श्वसन तंत्र यानी सांस की दिक्कतों में भी चित्रक फायदेमंद माना जाता है। यह कफ को पतला करके बाहर निकालने में मदद करता है, जिससे पुरानी खांसी, जुकाम और दमा जैसी समस्याओं में राहत मिल सकती है।
हालांकि, चित्रक जितना गुणकारी है, उतना ही सावधानी की मांग भी करता है। इसकी तासीर बहुत गर्म होती है, इसलिए अधिक मात्रा नुकसान पहुंचा सकती है। गर्भवती महिलाएं, छोटे बच्चे और पेट के अल्सर से पीड़ित लोगों को इसका सेवन नहीं करना चाहिए। चित्रक का उपयोग हमेशा आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह से ही किया जाए।
--आईएएनएस
पीआईएम/एबीएम

