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चीनी सरकार ने वैश्विक शासन पर श्वेत पत्र जारी किया

बीजिंग, 17 जून (आईएएनएस)। चीनी राज्य परिषद सूचना कार्यालय ने वैश्विक शासन पर एक श्वेत पत्र जारी किया। "अधिक न्यायपूर्ण और समान वैश्विक शासन: चीन की अवधारणा, पहल और कार्य" शीर्षक वाले इस दस्तावेज का उद्देश्य वैश्विक शासन के संबंध में चीन के विचारों, पहलों और प्रयासों को दुनिया के सामने रखना, व्यापक अंतरराष्ट्रीय सहमति बनाना तथा वैश्विक चुनौतियों का अधिक प्रभावी ढंग से समाधान करने में योगदान देना है। साथ ही, अधिक न्यायपूर्ण एवं समान वैश्विक शासन प्रणाली का निर्माण करना है।
चीनी सरकार ने वैश्विक शासन पर श्वेत पत्र जारी किया

बीजिंग, 17 जून (आईएएनएस)। चीनी राज्य परिषद सूचना कार्यालय ने वैश्विक शासन पर एक श्वेत पत्र जारी किया। "अधिक न्यायपूर्ण और समान वैश्विक शासन: चीन की अवधारणा, पहल और कार्य" शीर्षक वाले इस दस्तावेज का उद्देश्य वैश्विक शासन के संबंध में चीन के विचारों, पहलों और प्रयासों को दुनिया के सामने रखना, व्यापक अंतरराष्ट्रीय सहमति बनाना तथा वैश्विक चुनौतियों का अधिक प्रभावी ढंग से समाधान करने में योगदान देना है। साथ ही, अधिक न्यायपूर्ण एवं समान वैश्विक शासन प्रणाली का निर्माण करना है।

श्वेत पत्र में कहा गया है कि वैश्विक शासन मानवता के साझा हितों और कल्याण से जुड़ा विषय है। एक न्यायपूर्ण और समान वैश्विक शासन प्रणाली का निर्माण दुनिया के सभी देशों और लोगों की साझा आकांक्षा है। इसमें कहा गया है कि चीन हमेशा से वैश्विक शासन में सक्रिय भागीदार, योगदानकर्ता और निर्माणकर्ता की भूमिका निभाता रहा है।

दस्तावेज के अनुसार, नए युग की शुरुआत से राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने "मानव जाति के साझा भविष्य वाले समुदाय" की अवधारणा प्रस्तुत की है। साथ ही उन्होंने परामर्श, संयुक्त योगदान और साझा लाभ पर आधारित वैश्विक शासन दृष्टिकोण को बढ़ावा दिया है। चीन वास्तविक बहुपक्षवाद का समर्थन करते हुए समान और संतुलित बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था तथा समावेशी आर्थिक वैश्वीकरण की वकालत करता रहा है।

श्वेत पत्र में उल्लेख किया गया है कि वर्ष 2025 में राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने वैश्विक शासन पहल प्रस्तुत की, जिसने इस प्रश्न का चीनी समाधान सामने रखा कि भविष्य में कैसी वैश्विक शासन प्रणाली बनाई जानी चाहिए और उसे बेहतर बनाने के लिए क्या कदम उठाए जाए।

श्वेत पत्र में कहा गया है कि वैश्विक शासन पहल का प्रस्ताव रखे जाने के बाद, इसे लगभग 160 देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों का त्वरित समर्थन और प्रतिक्रिया मिली, जिनमें से 60 से अधिक देश सक्रिय रूप से "वैश्विक शासन मित्र समूह" में शामिल हुए। अंतरराष्ट्रीय समुदाय का मानना है कि वैश्विक शासन पहल बहुपक्षवाद को कायम रखने, एकता की शक्तियों को एकजुट करने और न्यायपूर्ण भविष्य की दिशा में एक स्पष्ट संदेश देती है। यह अंतरराष्ट्रीय संबंधों में लोकतंत्रीकरण की प्रवृत्ति के अनुरूप है, बहुपक्षवाद के अभ्यास में अंतरराष्ट्रीय समुदाय के दृढ़ विश्वास को बढ़ाती है, वैश्विक शासन में सुधार के लिए एक स्पष्ट और व्यवहार्य मार्ग प्रदान करती है, और अशांत दुनिया में बहुमूल्य स्थिरता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है।

श्वेत पत्र में स्पष्ट किया गया है कि चीन की वैश्विक शासन पहल का उद्देश्य अधिक न्यायपूर्ण और समान वैश्विक शासन प्रणाली के निर्माण को बढ़ावा देना है। इस पहल को लागू करने का सबसे मूलभूत पहलू संयुक्त राष्ट्र के अधिकार और प्रतिष्ठा को दृढ़तापूर्वक बनाए रखना है, सबसे महत्वपूर्ण तत्व प्रमुख शक्तियों द्वारा अपनी उत्तरदायित्व का प्रदर्शन करना है, सबसे आवश्यक तत्व अंतर्राष्ट्रीय एकजुटता और सहयोग है, और सबसे अत्यावश्यक तत्व शांति और विकास में मौजूद कमी को दूर करना है। इसी तरह, हमें संयुक्त राष्ट्र को केंद्र में रखकर अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को दृढ़तापूर्वक कायम रखना चाहिए, अंतरराष्ट्रीय कानून पर आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को कायम रखना चाहिए, और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उद्देश्यों और सिद्धांतों पर आधारित अंतरराष्ट्रीय संबंधों के बुनियादी मानदंडों को कायम रखना चाहिए, न कि बिल्कुल नए सिरे से शुरुआत करनी चाहिए।

बता दें कि 20,000 से अधिक शब्दों वाले इस श्वेत पत्र को प्रस्तावना और निष्कर्ष के अतिरिक्त पांच भागों में विभाजित किया गया है: आज विश्व गंभीर और जटिल संकटों और चुनौतियों का सामना कर रहा है, वैश्विक शासन पहल इन समस्याओं के समकालीन समाधान प्रदान करती है, वैश्विक शासन को आगे बढ़ाने में चीन का योगदान, परिवर्तन की दिशा का मार्गदर्शन करना और एक उज्ज्वल भविष्य की ओर बढ़ना, और ऐतिहासिक विकास के महत्वपूर्ण मोड़ पर कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ना।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

--आईएएनएस

एबीएम/

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