होर्मुज स्ट्रेट से गुजरा चीन का सुपरटैंकर 'युआन हुआ हू'
नई दिल्ली, 13 मई (आईएएनएस)। अमेरिका और ईरान की वजह से होर्मुज स्ट्रेट पर पहरा तगड़ा है। इस बीच खबर है कि चीन के कच्चे तेल के एक सुपरटैंकर ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पार कर लिया है।
शिप-ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, एक चीनी कच्चे तेल का सुपरटैंकर "युआन हुआ हू" के खाड़ी क्षेत्र से बाहर निकलते हुए होर्मुज से गुजरने की खबर सामने आई है। जहाज ने ईरान के लार्क आइलैंड के पास से होकर दक्षिण दिशा में सफर किया और होर्मुज स्ट्रेट से बाहर निकल गया।
जहाज बुधवार सुबह अस्थिर और संवेदनशील जलमार्ग से गुजरता हुआ देखा गया। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह पोत होर्मुज से दक्षिण दिशा की ओर बढ़ते हुए जलडमरूमध्य के पूर्वी हिस्से स्थित ईरान के लार्क द्वीप के पास से गुजरा।
11 मई को रॉयटर्स ने केप्लर और एलएसईजी के शिपिंग डेटा का हवाला देते हुए बताया था कि तीन तेल टैंकरों ने अपने ट्रैकिंग सिस्टम बंद करके होर्मुज स्ट्रेट पार किया। ये तीनों क्रूड ऑयल लेकर इलाके से गुजरे थे। दावा किया गया कि इनमें से दो बहुत बड़े क्रूड कैरियर (वीएलसीसी)—एगियोस फैनोरियोस I और कियारा एम—रविवार (10 मई) को स्ट्रेट से बाहर निकले। इनमें से हरेक में 2 मिलियन बैरल इराकी क्रूड ऑयल था।
इसमें कहा गया कि वियतनाम जा रहा एगियोस फैनोरियोस ।, 17 अप्रैल को बसरा मीडियम क्रूड लोड करने के बाद से दो पिछली कोशिशों में पानी के रास्ते गुजरने में नाकाम रहा था। हालांकि इस दिन ईरानी तस्नीम न्यूज एजेंसी के हवाले से दावा किया गया था कि माल्टा के झंडे वाले एगियोस फैनोरियोस ने होर्मुज स्ट्रेट पार उसकी मदद से किया था।
ईरान ने होर्मुज को अपनी शर्तों का हवाला देते हुए बंद रखा है तो अमेरिका ने उसके बंदरगाहों पर ही नाकाबंदी कर दी है। दोनों के बीच शांति प्रस्ताव स्थिर न होने का एक बड़ा कारण ये स्ट्रेट भी है। इस बीच कुछ मिसाइल या ड्रोन हमले भी गुजरने वाली शिप्स पर किए गए।
4 मई को ही स्ट्रेट के पास ‘जेवी इनोवेशन’ नामक टैंकर को निशाना बनाया गया। यह जहाज मार्शल आइलैंड्स के झंडे तले चल रहा था, लेकिन इसका सीधा संबंध चीन से था। ड्रोन या मिसाइल हमले के बाद जहाज के डेक पर भीषण आग लग गई थी, जिसकी बीजिंग ने आधिकारिक पुष्टि भी की। जहाज पर चीनी चालक दल मौजूद था। हमला यूएई के 'मीना सकर' बंदरगाह के नजदीक हुआ था।
हमले पर चीन के विदेश मंत्रालय ने गहरी चिंता जताते हुए कहा था कि नागरिक जहाजों पर हमले बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।
--आईएएनएस
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