चीन ने नाभिकीय अप्रसार संधि का पालन करने पर राष्ट्रीय रिपोर्ट जारी की
बीजिंग, 21 अप्रैल (आईएएनएस)। वर्तमान में सदी का परिवर्तन तेजी से हो रहा है और वैश्विक रणनीतिक सुरक्षा ढांचे में गहन समायोजन हो रहा है। शीतयुद्ध की विचारधारा और प्रभुत्ववाद व बदमाशी फिर से उभर रही है। इससे क्षेत्रीय मुठभेड़ और शस्त्रीकरण स्पर्द्धा बिगड़ रही है और अंतर्राष्ट्रीय शस्त्र नियंत्रण व अप्रसार प्रणाली पर बुरा असर पड़ा है।
वैश्विक रणनीतिक स्थिरता के सामने गंभीर खतरा मौजूद है। कुछ देशों ने पूर्ण रणनीतिक लाभ की तलाश करने के लिए गुटीय संघर्ष भड़काया, हर मोड़ पर बल का प्रयोग किया और बड़े पैमाने पर गठबंधन से हटे व समझौतों का उल्लंघन किया। यह अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था को कमजोर करने और दुनिया में उथल-पुथल मचाने का सबसे बड़ा कारण बना।
चीन शांतिपूर्ण विकास के रास्ते पर हमेशा कायम रहता है, मानव जाति के साझा मूल्य को बनाए रखता है, सक्रियता से मानव जाति साझे भविष्य वाले समुदाय का निर्माण बढ़ाता है और वैश्विक विकास पहल, वैश्विक सुरक्षा पहल, वैश्विक सभ्यता पहल व वैश्विक शासन पहल का कार्यान्वयन करता है। चीन विश्व शांति व सुरक्षा की गारंटी करता है और वैश्विक रणनीतिक संतुलन व स्थिरता को बढ़ावा देता है। चीन सक्रियता से वैश्विक सुरक्षा शासन में सुधार बढ़ाता है और अंतर्राष्ट्रीय हथियार नियंत्रण प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण रचनात्मक बल है।
चीन निष्पक्ष, सहकारी, संतुलित और प्रभावी हथियार नियंत्रण की विचारधारा पर कायम रहता है और गहन रूप से हथियार नियंत्रण के संदर्भ में वैश्विक शासन में भाग लेता है। चीन लगातार वैश्विक हथियार नियंत्रण कार्य में योगदान देता रहेगा। इसके लिए चीनी विदेश मंत्रालय ने 20 अप्रैल को नाभिकीय अप्रसार संधि का पालन करने पर राष्ट्रीय रिपोर्ट जारी की।
इसमें परमाणु निरस्त्रीकरण से संबंधित राष्ट्रीय उपाय, परमाणु अप्रसार से संबंधित राष्ट्रीय उपाय और परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग से संबंधित राष्ट्रीय उपाय का वितरण किया गया।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
--आईएएनएस
एबीएम/

