छत्तीसगढ़: वेदांता पावर प्लांट हादसे पर एक्शन, बिलासपुर आयुक्त करेंगे घटना की जांच
रायपुर, 17 अप्रैल (आईएएनएस)। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में स्थित वेदांता पावर लिमिटेड प्लांट में हुए भीषण हादसे को लेकर राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा इस घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश जारी किए गए हैं। इस हादसे की जांच बिलासपुर आयुक्त करेंगे।
यह हादसा 14 अप्रैल को डभरा तहसील के अंतर्गत सिंघीतराई स्थित प्लांट की बॉयलर यूनिट-1 में हुआ था, जहां स्टीम पाइप से जुड़े वाटर सप्लाई पाइप के ज्वाइंट में तकनीकी खराबी आने से बड़ा दुर्घटनाक्रम सामने आया। इस हादसे में कई श्रमिकों की जान चली गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना की गंभीरता को देखते हुए राज्य शासन ने बिलासपुर संभाग के आयुक्त को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वे पूरे मामले की विस्तृत जांच करें, जिसमें यह स्पष्ट किया जाए कि दुर्घटना कब और किन परिस्थितियों में हुई, इसके पीछे क्या तकनीकी या मानवीय कारण रहे, और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए क्या ठोस उपाय किए जा सकते हैं। शासन ने जांच अधिकारी को 30 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
इस दुखद घटना पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने मृतक श्रमिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके परिजनों के प्रति संवेदना जताई और कहा कि यह अत्यंत पीड़ादायक घटना है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जांच निष्पक्ष और त्वरित हो, तथा जो भी दोषी पाए जाएं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इस घटना ने औद्योगिक सुरक्षा मानकों और श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बता दें कि बायलर मुख्य निरीक्षक की रिपोर्ट के मुताबिक, बायलर फर्नेस के अंदर अत्यधिक मात्रा में ईंधन जमा हो जाने से अचानक अत्यधिक दबाव उत्पन्न हुआ, जिससे बायलर-1 में विस्फोट हो गया। दबाव इतना अधिक था कि बायलर का निचला पाइप अपनी निर्धारित स्थिति से हट गया, जिससे यह भयावह दुर्घटना हुई।
--आईएएनएस
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