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छत्तीसगढ़: मोदी सरकार की लखपति दीदी योजना से सशक्त हो रहीं धमतरी की महिलाएं

धमतरी, 8 जनवरी (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार की लखपति दीदी योजना छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले की महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम बनकर उभरी है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत महिलाओं को रोजगार से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त किया जा रहा है।
छत्तीसगढ़: मोदी सरकार की लखपति दीदी योजना से सशक्त हो रहीं धमतरी की महिलाएं

धमतरी, 8 जनवरी (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार की लखपति दीदी योजना छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले की महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम बनकर उभरी है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत महिलाओं को रोजगार से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त किया जा रहा है।

योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को कौशल विकास का प्रशिक्षण देकर उन्हें स्वरोजगार के लिए सक्षम बनाना है। आज इस योजना का लाभ लेकर जिले की कई महिलाएं मिसाल पेश कर रही हैं।

धमतरी जिले में इस योजना से जुड़कर कई महिलाएं अलग-अलग तरह के व्यवसाय शुरू कर चुकी हैं और लखपति बनने की ओर अग्रसर हैं। इन्हीं में डोंगरडुला गांव की निवासी खिलेश्वरी साहू भी शामिल हैं, जो अपने घर में ही मशरूम की खेती कर रही हैं।

खिलेश्वरी साहू ने बताया कि मशरूम उत्पादन से उनके परिवार में आत्मनिर्भरता और आर्थिक समृद्धि आई है। इस कार्य से उन्हें सालाना करीब एक लाख रुपए तक की आमदनी हो रही है।

विहान समूह से जुड़ी लखपति दीदी खिलेश्वरी साहू ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, “मैं मशरूम का उत्पादन करती हूं। एक किलो बीज से लगभग 10 किलो मशरूम की पैदावार होती है। वर्तमान में मैं 12 किलो मशरूम का उत्पादन कर रही हूं, जिससे दो महीने में 50 से 60 हजार रुपए की आमदनी हो जाती है। इन पैसों से मैं अपने घर-परिवार की जरूरतें पूरी कर पाती हूं। इसके लिए मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करना चाहती हूं।”

इसी तरह सरस्वती स्वयं सहायता समूह से जुड़ी झामिन बाई ने बताया कि समूह के माध्यम से उन्हें आसानी से तीन लाख रुपए का ऋण मिला, जिससे उन्होंने अपना कारोबार शुरू किया। उन्होंने कहा, “दुकान से मुझे हर महीने 10 से 12 हजार रुपए की आमदनी हो जाती है। केंद्र सरकार महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए कई योजनाएं चला रही है, इसके लिए मैं केंद्र सरकार को धन्यवाद देना चाहती हूं।”

वहीं, खरखा गांव की रहने वाली कमार जनजाति की महिला सजनी कमार की कहानी भी प्रेरणादायक है। उन्होंने बताया, “पहले मेरी आर्थिक स्थिति बहुत खराब थी। दो वक्त के खाने की व्यवस्था भी मुश्किल से हो पाती थी। विहान समूह से जुड़ने के बाद सरकार की ओर से आसानी से ऋण मिला और मैंने छोटा कारोबार शुरू किया। एक लाख रुपए के ऋण से किराना दुकान खोल ली। अब महीने में 12 से 15 हजार रुपए की आमदनी हो जाती है, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और हम खुशहाल जीवन जी रहे हैं।”

गौरतलब है कि लखपति दीदी योजना के अंतर्गत महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया जाता है, ताकि वे प्रशिक्षित होकर स्वरोजगार से जुड़ सकें। योजना के तहत महिलाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए एक लाख से लेकर पांच लाख रुपए तक का ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराया जाता है।

--आईएएनएस

एएसएच/एबीएम

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