छत्तीसगढ़ में आईईडी ब्लास्ट में शहीद जवानों को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दी श्रद्धांजलि
रायपुर, 2 मई (आईएएनएस)। छत्तीसगढ़ के कांकेर और नारायणपुर जिले की सीमा के पास हुए आईईडी विस्फोट में जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) के इंस्पेक्टर समेत तीन जवान शहीद हो गए जबकि एक जवान गंभीर रूप से घायल हो गया। यह हादसा उस समय हुआ, जब सुरक्षाबलों की टीम डी-माइनिंग, एरिया डॉमिनेशन और सर्च ऑपरेशन पर निकली थी। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए भाजपा सरकार पर निशाना साधा है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में भूपेश बघेल ने लिखा, बस्तर के कांकेर में माओवादियों द्वारा लगाए गए आईईडी विस्फोट की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। दुर्घटना में शहीद होने वाले इंस्पेक्टर और दो कांस्टेबलों को हम सब श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति एवं परिजनों को हिम्मत दे। साथ ही, घायल कांस्टेबल को उचित इलाज मिले और वह जल्द स्वस्थ हो, ऐसी हम कामना करते हैं।"
भूपेश बघेल ने कहा, " केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार को समझना होगा कि नक्सलवाद के खत्म होने के राजनीतिक नारे से काम नहीं चलेगा। नक्सली अपने पीछे आतंक के जो अवशेष छोड़ गए हैं, उनसे मुक्ति का भी अभियान छेड़ना पड़ेगा। यह लड़ाई साझी है, लोकतंत्र विरोधी ताकतों का समूल नाश ही एकमात्र विकल्प है।"
बता दें कि इस आईईडी विस्फोट में डीआरजी के चार जवान घायल हो गए थे। इनमें कृष्णा कोमरा (बस्तर फाइटर्स), सुखराम वट्टी (डीआरजी प्रभारी टीआई), और कॉन्स्टेबल संजय गढ़पाले की मौके पर ही मौत हो गई जबकि गंभीर रूप से घायल कॉन्स्टेबल परमानंद कोमरा को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है।
बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पट्टिलिंगम ने बताया कि पिछले कुछ महीनों में आत्मसमर्पण कर चुके माओवादी कैडरों से मिली जानकारी और अन्य खुफिया इनपुट के आधार पर सुरक्षाबलों ने सैकड़ों आईईडी बरामद कर उन्हें निष्क्रिय किया था। बावजूद इसके, माओवादियों द्वारा पहले से छिपाकर रखे गए विस्फोटक अब भी खतरा बने हुए हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना उस समय हुई, जब कांकेर जिला पुलिस की टीम एक आईईडी को निष्क्रिय कर रही थी और अचानक उसमें विस्फोट हो गया।
--आईएएनएस
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