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छात्रों को 'हिंदुत्व' के जरिए तैयार किया जा रहा, जिससे देश का विनाश होने वाला है : हुसैन दलवई

छात्रों को 'हिंदुत्व' के जरिए तैयार किया जा रहा, जिससे देश का विनाश होने वाला है : हुसैन दलवई
छात्रों को 'हिंदुत्व' के जरिए तैयार किया जा रहा, जिससे देश का विनाश होने वाला है : हुसैन दलवई

मुंबई, 25 जून (आईएएनएस)। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हुसैन दलवई ने एनसीईआरटी की नई पाठ्यपुस्तकों में आपातकाल से जुड़े अध्याय शामिल किए जाने पर गुरुवार को प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सरकार पर विद्यार्थियों को हिंदुत्व विचारधारा के जरिए तैयार करने का आरोप लगाया।

दलवई ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि वह आपातकाल का समर्थन नहीं करते, लेकिन इतिहास को एकतरफा दृष्टिकोण से प्रस्तुत करना भी उचित नहीं है। उन्होंने कहा, "मैं इमरजेंसी का समर्थन नहीं करता, लेकिन विद्यार्थियों को हिंदुत्व के जरिए तैयार किया जा रहा है, जिससे इस देश का विनाश होने वाला है। पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसा माहौल बन गया है, जो बिल्कुल गलत बात है। इस देश की कुछ संस्कृति थी, एक वजूद था, पूरी दुनिया में लोग इस देश को कुछ मानते थे। अब उन सभी चीजों को खत्म करने का काम किया गया है।"

इस दौरान दलवई ने सांसद संजय दीना पाटिल पर लगे पत्रकारों के साथ कथित दुर्व्यवहार के आरोपों को लेकर भी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को व्यवहार में संयम और जिम्मेदारी दिखानी चाहिए। सांसद जनता के प्रतिनिधि होते हैं और उन्हें पत्रकारों सहित सभी नागरिकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करना चाहिए। यदि किसी जनप्रतिनिधि द्वारा अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया है, तो इसकी आलोचना होनी चाहिए और लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान किया जाना चाहिए।

शिवसेना (यूबीटी) के उन सांसदों के मुद्दे पर भी उन्होंने प्रतिक्रिया दी, जिन्होंने अलग राजनीतिक रुख अपनाया है। दलवई ने सत्ताधारी दल को घेरते हुए कहा, "कानून और भाजपा का कोई संबंध नहीं है। पीएम और केंद्रीय गृह मंंत्री जो बोलेंगे, वही स्पीकर मानेंगे। सही मायने में यह गलत है, जिसे मान्यता नहीं देनी चाहिए।"

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और उनके परिवार पर भूमि खरीद से जुड़े आरोपों के संबंध में दलवई ने निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की। उन्होंने कहा, "इसकी सही तरीके से जांच होनी चाहिए। कांग्रेस में जब कोई थोड़ा सा भी ऐसा करता था, तो उसे पार्टी से निकाल दिया जाता था। अशोक चव्हाण सीएम थे, उन्होंने एक फ्लैट लिया, जिसके कारण सत्ता छोड़नी पड़ी।"

उन्होंने कहा, "कहां पर क्या प्रोजेक्ट आने वाले हैं, यह सब उन्हें पहले से पता था, जिसके कारण पहले ही जमीन खरीदकर पैसा बनाने की कोशिश की गई। ऐसे में उन्हें इस्तीफा देना चाहिए। अगर भाजपा के लोगों में हल्की सी भी शर्म होगी, तो वे उन्हें हटाएंगे। इसके साथ ही धर्मेंद्र प्रधान को भी हटाना चाहिए। ऐसे लोग जो प्रशासन संभाल ही नहीं सकते, उन्हें साथ लेकर सत्ता चलाना बहुत ही गलत बात है।"

--आईएएनएस

एससीएच/एबीएम

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