छात्र आंदोलन की आड़ में अराजकता फैलाने की साजिश, हर चुनौती से निपटेगी सरकार: संजय उपाध्याय
मुंबई, 21 जुलाई (आईएएनएस)। महाराष्ट्र में भाजपा के विधायक संजय उपाध्याय ने सीजेपी के प्रदर्शन को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा और केंद्र की मोदी सरकार का बचाव किया। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र आंदोलन के नाम पर चल रहे प्रदर्शनों का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान असामाजिक तत्वों ने हिंसा फैलाकर पुलिस पर हमला किया।
संजय उपाध्याय ने आईएएनएल से बातचीत में कहा कि छात्र आंदोलन के नाम पर सीजेपी द्वारा प्रदर्शन किए जा रहे हैं। सीजेपी के हालिया प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर हमला किया गया, पुलिस के वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया और 100 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए। इस घटनाक्रम से यह स्पष्ट होता है कि आंदोलन में केवल छात्र नहीं बल्कि असामाजिक तत्व भी शामिल थे, जो देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को चुनौती देने और अराजकता का माहौल बनाने का प्रयास कर रहे हैं। सरकार और प्रशासन ऐसी परिस्थितियों से निपटने में पूरी तरह सक्षम हैं और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अपना दायित्व प्रभावी ढंग से निभा रहे हैं। देश की जनता ऐसे मामलों में उचित निर्णय करेगी।
भाजपा विधायक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि वर्ष 2014 से देश की जनता ने लगातार उन पर भरोसा जताया है। प्रधानमंत्री मोदी ने जनकल्याण, गरीब कल्याण, राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक विकास जैसे सभी प्रमुख क्षेत्रों में प्रभावी कार्य किया है। जनता के विश्वास के कारण ही नरेंद्र मोदी को लगातार तीन बार प्रधानमंत्री बनने का अवसर मिला और वह निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में सबसे लंबे समय तक सेवा देने का अनुभव भी प्राप्त कर चुके हैं।
संजय उपाध्याय ने आरोप लगाया कि विपक्ष लगातार प्रधानमंत्री मोदी को सत्ता से हटाने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाता रहा है, लेकिन जनता का विश्वास अब भी मोदी के साथ है। उन्होंने कहा कि विपक्ष की विश्वसनीयता समाप्त हो चुकी है और अब नए चेहरों के माध्यम से सरकार को घेरने की कोशिश की जा रही है। जिन नेताओं पर जनता का भरोसा नहीं रहा, वे भविष्य में भी कोई प्रभाव नहीं छोड़ पाएंगे और विपक्ष को निराशा ही हाथ लगेगी। लोकतांत्रिक अधिकारों का जिक्र करते हुए भाजपा विधायक ने कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है, जहां हर किसी को शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने का अधिकार है। भाजपा ने भी विपक्ष में रहते हुए आंदोलन किए हैं और किसी भी नागरिक या संगठन को लोकतांत्रिक ढंग से अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है।
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए संजय उपाध्याय ने दावा किया कि पार्टी ने सार्वजनिक रूप से भले ही खुद को इस आंदोलन से अलग रखा हो, लेकिन परोक्ष रूप से उसका समर्थन किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस स्वयं भ्रम की स्थिति में है और उसके नेता जनता को क्या संदेश देना चाहते हैं, यह न तो देश समझ पा रहा है और न ही कांग्रेस के अपने नेता और कार्यकर्ता।
उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों की घटती विश्वसनीयता के कारण सोनम वांगचुक को आगे कर मोदी सरकार को घेरने का प्रयास किया गया। हालांकि, कांग्रेस ने अपने अस्तित्व को अलग दिखाने की रणनीति अपनाई और आंदोलन में प्रत्यक्ष या परोक्ष समर्थन को लेकर भी स्पष्ट रुख नहीं अपनाया। कांग्रेस ने हालिया प्रदर्शन से दूरी इसलिए बनाई क्योंकि वह अपने राजनीतिक समीकरणों और राहुल गांधी के नेतृत्व से जुड़े भविष्य के राजनीतिक लक्ष्य को ध्यान में रखकर अलग रणनीति अपना रही है। इसी वजह से कांग्रेस इस मुद्दे पर अपने सहयोगी दलों से भी अलग रुख अपनाती हुई दिखाई दे रही है।
--आईएएनएस
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