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चीन और एपेक की अन्य अर्थव्यवस्थाओं के बीच आयात-निर्यात 1,254 खरब युआन से अधिक

बीजिंग, 5 फरवरी (आईएएनएस)। एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (एपेक) के "चीनी वर्ष" की श्रृंखलाबद्ध गतिविधियों के एक महत्वपूर्ण भाग के रूप में, 2026 एपेक सीमा शुल्क प्रक्रिया उप समिति की पहली पूर्ण बैठक 4 फरवरी को दक्षिण चीन के क्वांगतोंग प्रांत की राजधानी क्वांगचो में उद्घाटित हुई।
चीन और एपेक की अन्य अर्थव्यवस्थाओं के बीच आयात-निर्यात 1,254 खरब युआन से अधिक

बीजिंग, 5 फरवरी (आईएएनएस)। एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (एपेक) के "चीनी वर्ष" की श्रृंखलाबद्ध गतिविधियों के एक महत्वपूर्ण भाग के रूप में, 2026 एपेक सीमा शुल्क प्रक्रिया उप समिति की पहली पूर्ण बैठक 4 फरवरी को दक्षिण चीन के क्वांगतोंग प्रांत की राजधानी क्वांगचो में उद्घाटित हुई।

इस बैठक के मुताबिक, "14वीं पंचवर्षीय योजना" (2021-2025) के दौरान, एपेक की अन्य अर्थव्यवस्थाओं के साथ चीन के आयात और निर्यात का कुल मूल्य 1254.9 खरब युआन तक पहुंच गया, जो "13वीं पंचवर्षीय योजना" (2016-2020) की तुलना में 39.4 प्रतिशत अधिक था। इनमें से वर्ष 2025 में, एपेक की अन्य अर्थव्यवस्थाओं के साथ चीन के आयात और निर्यात का कुल मूल्य 262.9 खरब युआन रहा, जो इसी अवधि में चीन के विदेशी व्यापार मूल्य का लगभग 60 प्रतिशत था। चीन और एपेक की अन्य अर्थव्यवस्थाओं के बीच सहयोग और विकास के फ़ायदे लगातार मिल रहे हैं।

चीनी सीमा शुल्क 2026 एपेक सीमा शुल्क प्रक्रिया उपसमिति का अध्यक्ष है। उसी दिन चीनी सामान्य सीमा शुल्क प्रशासन ब्यूरो के उप प्रभारी चाओ ज़ेंगल्यान ने कहा कि वर्तमान में एशिया-प्रशांत आर्थिक समग्रता विश्व अर्थव्यवस्था का 60 प्रतिशत से ज़्यादा है, साथ ही एशिया-प्रशांत व्यापार समग्रता विश्व व्यापार समग्रता के लगभग आधे का हिस्सा है। यह जीवंत क्षेत्र न केवल वैश्विक आर्थिक विकास का इंजन है, बल्कि सभी देशों और क्षेत्रों की साझा विकास की उम्मीदों को भी दिखाती है।

बताया जाता है कि 3 दिनों की इस बैठक का विषय "एशिया-प्रशांत साझा समुदाय का निर्माण करना और सामान्य समृद्धि को बढ़ाना" है, जिसमें "खुलेपन, नवाचार और सहयोग" तीनों प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करते हुए प्रौद्योगिकी व नवाचार, स्मार्ट सीमा शुल्क निर्माण और सीमा-पार व्यापार सुविधा आदि गर्म मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इस बार की बैठक में एपेक की 18 अर्थव्यवस्थाओं की सीमा शुल्क, अंतर्राष्ट्रीय संगठनों, एकेडेमिया और बिज़नेस से 100 से ज़्यादा प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

आपको बता दें कि एपेक एशिया-प्रशांत क्षेत्र का सबसे उच्च स्तरीय, सबसे बड़ा और सबसे प्रभावशाली आर्थिक सहयोग तंत्र है। वर्ष 1994 में एपेक सीमा शुल्क प्रक्रिया उप समिति की स्थापना हुई, इसके बाद से, वह सीमा शुल्क प्रक्रिया नवाचार व तकनीकी प्रगति को बढ़ाने के लिये एक कोर "इनक्यूबेटर" बना है, जिसने और अधिक जुड़ी हुई, सुरक्षित और लचीली एशिया-प्रशांत आपूर्ति श्रृंखला बनाने के लिये प्रबल शक्ति का संचार किया।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

--आईएएनएस

एबीएम/

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