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'चौधरी चरण सिंह के विचार आज भी देश का मार्गदर्शन कर रहे', उपराष्ट्रपति से लेकर अमित शाह तक ने किया नमन

नई दिल्ली, 29 मई (आईएएनएस)। भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की पुण्यतिथि पर उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह सहित केंद्रीय मंत्रियों ने श्रद्धाजलि अर्पित की।
'चौधरी चरण सिंह के विचार आज भी देश का मार्गदर्शन कर रहे', उपराष्ट्रपति से लेकर अमित शाह तक ने किया नमन

नई दिल्ली, 29 मई (आईएएनएस)। भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की पुण्यतिथि पर उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह सहित केंद्रीय मंत्रियों ने श्रद्धाजलि अर्पित की।

उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने एक्स पर लिखा, "पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की पुण्यतिथि पर मैं उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। दूरदर्शी नेता और किसानों के अथक हिमायती, उन्होंने अपना जीवन कृषि समुदाय के कल्याण और ग्रामीण भारत के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया। सामाजिक न्याय, ग्रामीण विकास और किसान समुदायों के सशक्तीकरण के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता को सदा याद रखा जाएगा।"

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने एक्स पर लिखा, "पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न चौधरी चरण सिंह ने स्वतंत्रता संग्राम से लेकर आपातकाल तक लोकतांत्रिक मूल्यों को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने समृद्ध किसान और कृषि-आधारित अर्थव्यवस्था का विकास मॉडल प्रस्तुत कर भारत को नई दिशा दी। ईमानदारी, सादगी और किसान हितों के प्रति समर्पित चौधरी चरण सिंह जी की पुण्यतिथि पर कोटि-कोटि वंदन।"

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने एक्स पर लिखा, "पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न चौधरी चरण सिंह की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि। चौधरी चरण सिंह जी का सम्पूर्ण जीवन देश के किसानों, श्रमिकों और गाँवों के उत्थान के लिए समर्पित था। किसानों के हितों की रक्षा, सामाजिक न्याय और ग्रामीण विकास के लिए उनके योगदान को देश सदैव कृतज्ञता के साथ याद करता रहेगा।"

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक्स पर लिखा, "किसानों के मसीहा, पूर्व प्रधानमंत्री, 'भारत रत्न' चौधरी चरण सिंह जी की पुण्यतिथि पर उनके चरणों में विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं! गांव, गरीब और किसान के उत्थान की तड़प चौधरी साहब में थी, उनका स्पष्ट विचार था कि देश की समृद्धि का रास्ता गांवों के खेतों एवं खलिहानों से होकर गुजरता है। राष्ट्र के उत्थान एवं किसानों के कल्याण के लिए समर्पित उनका जीवन हम सबको अन्नदाता की भलाई और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए सदैव प्रेरित करता रहेगा। विकसित तथा आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में उनके विचार सदैव प्रासंगिक रहेंगे।"

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने लिखा, "किसान-कल्याण हेतु आजीवन समर्पित रहे पूर्व प्रधानमंत्री 'भारत रत्न' चौधरी चरण सिंह जी की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि। किसानों के प्रति उनका अटूट समर्पण आज भी हमें ‘अन्नदाता’ के सम्मान और समृद्ध भारत के संकल्प को साकार करने की प्रेरणा देता है।"

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने एक्स पर लिखा, "किसानों के अधिकारों और ग्रामीण भारत की समृद्धि के लिए आजीवन समर्पित पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय चौधरी चरण सिंह की पुण्यतिथि पर उन्हें शत्-शत् नमन। भारतीय कृषि, ग्रामीण विकास और किसान कल्याण के प्रति उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।"

केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने एक्स पर पोस्ट किया, "किसानों की आवाज़ बुलंद करने वाले प्रखर नेता देश के पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न चौधरी चरण सिंह के स्मृति दिवस पर उन्हें विनम्र अभिवादन।"

आरएलडी प्रमुख और केंद्रीय मंत्री जयंत सिंह चौधरी ने अपने परदादा चौधरी चरण सिंह को विनम्र श्रद्धांजलि दी है। उन्होंने एक्स पर लिखा, "भारत रत्न चौधरी चरण सिंह जी की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि। किसान मसीहा चौधरी साहब ने भारतीय राजनीति को सत्ता-केंद्रित सोच से निकालकर गांव, खेत, खलिहान और श्रमशील भारत की आकांक्षाओं से जोड़ने का ऐतिहासिक कार्य किया। उन्होंने किसान, श्रमिक और वंचित वर्ग के सम्मान को केवल सामाजिक आवश्यकता नहीं, बल्कि लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति माना। चौधरी साहब के विचार सदैव आत्मनिर्भर गांव, सशक्त किसान और समावेशी भारत की दिशा में राष्ट्र का मार्गदर्शन करते रहेंगे। भारतीय ग्रामीण चेतना को वैचारिक आधार देने वाले दूरदर्शी राष्ट्रनेता को कोटि-कोटि नमन।"

चौधरी चरण सिंह को भारत के अग्रणी किसान नेताओं में से एक और कृषि सुधारों के प्रभावशाली पैरोकार के रूप में व्यापक रूप से जाना जाता है। उनका राजनीतिक जीवन और नीतिगत पहलें किसानों के कल्याण, भूमि सुधारों और ग्रामीण अर्थव्यवस्थाओं को मजबूत करने पर केंद्रित थीं। उनका जन्म (1902-1987) उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के नूरपुर में एक मध्यमवर्गीय किसान परिवार में हुआ था। विज्ञान और विधि की शिक्षा प्राप्त करने के बाद, उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की और 1937 में पहली बार उत्तर प्रदेश विधानसभा के लिए चुने गए। उन्होंने राजस्व, कृषि, गृह और स्थानीय स्वशासन सहित कई महत्वपूर्ण राज्य विभागों का कार्यभार संभाला और 1970 में मुख्यमंत्री बने।

अपनी सत्यनिष्ठा, अनुशासन और व्यावहारिकता के लिए विख्यात, वे ऋण मुक्ति विधेयक (1939) और भूमि धारण अधिनियम (1960) सहित प्रमुख भूमि सुधारों के सूत्रधार थे। किसानों और सामाजिक न्याय के प्रबल समर्थक, उन्होंने कृषि सुधारों पर प्रभावशाली रचनाएं लिखीं और ग्रामीण भारत में एक अमिट छाप छोड़ी। चौधरी चरण सिंह ने जुलाई 1979 से जनवरी 1980 तक भारत के प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया।

--आईएएनएस

ओपी/एएस

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