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पंजाब कांग्रेस में नहीं सुलझा नेतृत्व विवाद: चन्नी-रंधावा गुट ने रखीं दो शर्तें, भूपेश बघेल ने नहीं मानीं

पंजाब कांग्रेस में नहीं सुलझा नेतृत्व विवाद: चन्नी-रंधावा गुट ने रखीं दो शर्तें, भूपेश बघेल ने नहीं मानीं

पंजाब कांग्रेस में विधानसभा चुनाव से पहले नेतृत्व को लेकर जारी घमासान थमता नजर नहीं आ रहा है। पार्टी प्रभारी भूपेश बघेल और चरणजीत सिंह चन्नी- सुखजिंदर सिंह रंधावा गुट के बीच हुई अहम बैठक भी किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। बैठक में चन्नी-रंधावा गुट ने विवाद सुलझाने के लिए दो प्रमुख शर्तें रखीं, लेकिन भूपेश बघेल ने दोनों पर सहमति नहीं जताई।

बताया जा रहा है कि बैठक बेनतीजा रही और अब अंतिम फैसला कांग्रेस आलाकमान पर छोड़ दिया गया है।

चन्नी-रंधावा गुट ने रखीं दो बड़ी शर्तें

सूत्रों के अनुसार, बैठक में चन्नी-रंधावा गुट ने कहा कि पार्टी में एकजुटता बनाए रखने के लिए दो विकल्पों में से किसी एक पर फैसला किया जाए।

पहली शर्त यह थी कि अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद से हटाया जाए। दूसरी शर्त के तहत कहा गया कि यदि वड़िंग अध्यक्ष बने रहते हैं, तो आगामी विधानसभा चुनाव चरणजीत सिंह चन्नी को मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित कर लड़ा जाए।

भूपेश बघेल ने जताई असहमति

पार्टी प्रभारी भूपेश बघेल ने दोनों प्रस्तावों पर सहमति नहीं जताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश अध्यक्ष या मुख्यमंत्री पद के चेहरे जैसे महत्वपूर्ण फैसले कांग्रेस आलाकमान ही करेगा।

बघेल ने नेताओं से संगठनात्मक एकता बनाए रखने और चुनावी तैयारियों पर ध्यान देने की अपील भी की।

बेनतीजा रही बैठक

करीब चली चर्चा के बावजूद दोनों पक्ष किसी साझा सहमति तक नहीं पहुंच सके। सूत्रों के मुताबिक, बैठक के अंत में यह तय हुआ कि पूरे मामले की जानकारी कांग्रेस नेतृत्व को दी जाएगी और आगे का निर्णय हाईकमान करेगा।

चुनाव से पहले बढ़ी कांग्रेस की चुनौती

पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के भीतर बढ़ता नेतृत्व विवाद पार्टी के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है। एक ओर संगठन को मजबूत करने की चुनौती है, तो दूसरी ओर वरिष्ठ नेताओं के बीच मतभेद भी खुलकर सामने आ रहे हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि जल्द ही इस विवाद का समाधान नहीं निकला, तो इसका असर पार्टी की चुनावी तैयारियों पर पड़ सकता है।

अब आलाकमान के फैसले पर टिकी निगाहें

फिलहाल पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। अब सभी की नजरें कांग्रेस आलाकमान पर हैं, जो तय करेगा कि अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग प्रदेश अध्यक्ष बने रहेंगे या पार्टी चुनावी रणनीति में कोई बड़ा बदलाव करेगी। वहीं, चरणजीत सिंह चन्नी को मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाए जाने की मांग पर भी अंतिम फैसला शीर्ष नेतृत्व ही करेगा।

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