Samachar Nama
×

चंडीगढ़: मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने तीन राज्यों में 11 ठिकानों पर छापेमारी की

चंडीगढ़, 17 जून (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की चंडीगढ़ जोनल यूनिट ने मंगलवार को महेश टिम्बर प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ चल रही जांच के सिलसिले में करनाल, दिल्ली और गोवा में अशोक मित्तल, सौरभ ढींगरा, भरत भूषण मित्तल, रमन सिंघल और अन्य से जुड़े 11 ठिकानों पर 'मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम' (पीएमएलए), 2002 के तहत तलाशी अभियान चलाया।
चंडीगढ़: मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने तीन राज्यों में 11 ठिकानों पर छापेमारी की

चंडीगढ़, 17 जून (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की चंडीगढ़ जोनल यूनिट ने मंगलवार को महेश टिम्बर प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ चल रही जांच के सिलसिले में करनाल, दिल्ली और गोवा में अशोक मित्तल, सौरभ ढींगरा, भरत भूषण मित्तल, रमन सिंघल और अन्य से जुड़े 11 ठिकानों पर 'मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम' (पीएमएलए), 2002 के तहत तलाशी अभियान चलाया।

ईडी ने सीबीआई द्वारा महेश टिम्बर प्राइवेट लिमिटेड, इसके डायरेक्टरों और अन्य लोगों के खिलाफ आईपीसी, 1860 और 'प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट' के तहत दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की थी। यह मामला 'फिनाकल' में संबंधित एंट्री किए बिना अनधिकृत स्विफ्ट संशोधनों के जरिए 'फॉरेन लेटर्स ऑफ क्रेडिट' (एफएलसी) की वैल्यू को धोखाधड़ी से बढ़ाने से जुड़ा है, जिससे ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और कंसोर्टियम बैंकों को लगभग 155.21 करोड़ रुपए का गलत नुकसान हुआ।

ईडी की जांच से पता चला कि महेश टिम्बर प्राइवेट लिमिटेड ने भारत और सिंगापुर में जुड़ी कंपनियों और लोगों के साथ मिलकर बिना किसी असली लकड़ी के आयात के हेरफेर किए गए एफएलसी के जरिए लगभग 195.02 करोड़ रुपए की धनराशि धोखाधड़ी से ट्रांसफर की। कस्टम अधिकारियों द्वारा की गई जांच से यह साबित हुआ कि बैंकों को सौंपे गए बड़ी संख्या में 'बिल ऑफ एंट्री' और 'बिल ऑफ लैडिंग' नकली और मनगढ़ंत थे।

जांच में यह भी पता चला कि अमेजन एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड, महेश टिम्बर सिंगापुर प्राइवेट लिमिटेड, ट्रैफिक मीडिया इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, बीवीएम शिपिंग प्राइवेट लिमिटेड और पर्ल मैरीटाइम प्राइवेट लिमिटेड जैसी शिपिंग कंपनियों का इस्तेमाल सिंगापुर से भारत में लकड़ी के नकली आयात का भ्रम पैदा करने के लिए किया गया था, ताकि ओबीसी बैंक को धोखा देकर ऐसे नकली आयात के बदले सिंगापुर में एफएलसी की बढ़ी हुई वैल्यू को खोला और ट्रांसफर किया जा सके।

जांच के दौरान दीपक सिंगला के साथ-साथ अशोक कुमार मित्तल और रमन सिंघल की भूमिका भी प्रमुखता से सामने आई है। अशोक कुमार मित्तल और रमन सिंघल ने महेश टिम्बर प्राइवेट लिमिटेड और महेश रिसोर्सेज प्राइवेट लिमिटेड में डायरेक्टर/मुख्य प्रबंधकीय पदों पर काम किया था। जांच के दौरान पता चला कि संबंधित अवधि में अमेजन एक्सपोर्ट्स पीटीई लिमिटेड (सिंगापुर), महेश टिम्बर सिंगापुर पीटीई लिमिटेड, पर्ल मैरीटाइम, बीवीएम शिपिंग और ट्रैफिक मीडिया इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने बिना असल आयात के ही आयातित लकड़ी की कथित खरीद-बिक्री से जुड़े फर्जी लेन-देन किए। साथ ही, सौरभ ढींगरा, भरत भूषण मित्तल और अन्य लोगों की मदद से अपराध से हुई कमाई को रूट और लेयरिंग करने का भी पता चला है।

तलाशी के दौरान, सौरभ ढींगरा के ठिकाने से बिक्री विलेख समझौते बरामद किए गए और पीएमएलए की संबंधित धाराओं के तहत आपत्तिजनक दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए। ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स के साथ धोखाधड़ी करके बनाई गई अपराध की कमाई का पता लगाने के लिए ईडी की ओर से आगे की जांच जारी है।

--आईएएनएस

डीके/डीकेपी

Share this story

Tags