Samachar Nama
×

चंपत राय निर्दोष, संतों ने पहले ही सामूहिक रूप से कही थी ये बात : महंत राजकुमार दास

चंपत राय निर्दोष, संतों ने पहले ही सामूहिक रूप से कही थी ये बात : महंत राजकुमार दास
चंपत राय निर्दोष, संतों ने पहले ही सामूहिक रूप से कही थी ये बात : महंत राजकुमार दास

अयोध्या, 18 अगस्त (आईएएनएस)। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी ने अपनी जांच रिपोर्ट श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंप दी है। रिपोर्ट में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और कोषाध्यक्ष अनिल मिश्रा को क्लीन चिट दी गई है। इस पर साधु-संतों और अयोध्या के जनप्रतिनिधियों ने संतोष जताया है।

राम वल्लभ कुंज के उत्तराधिकारी और राम मंदिर ट्रस्ट की धार्मिक समिति के सदस्य महंत राजकुमार दास ने कहा, "चंपत राय निर्दोष हैं। संत समाज ने सामूहिक रूप से यह बात पहले ही कही थी। दोषी कर्मचारी हैं। वे लोग जेल में हैं और अपने किए की सजा भुगत रहे हैं।"

तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने कहा, "एसआईटी ने अपनी जांच रिपोर्ट को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंप दिया है। तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर जो भी उनको कुछ मिला, बिना दबाव के निष्पक्ष जांच हुई है।"

परमहंस आचार्य ने कहा, "हम सभी साधु-संत, अयोध्यावासी, राम मंदिर के प्रति निष्ठा रखने वाले सभी लोग इससे बहुत संतुष्ट हैं। आशा करते हैं कि दोबारा कभी भी राम मंदिर की मर्यादा के खिलाफ इस तरह की कोई भी घटना नहीं होगी।"

एसआईटी की रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, "एसआईटी की जांच में चंपत राय को और अनिल मिश्रा को क्लीनचिट मिली है। अनिल मिश्रा के बारे में तो हम लोग नहीं जानते हैं लेकिन चंपत राय को लेकर के हम लोग पहले से ही विश्वस्त थे कि चंपत राय ऐसा महापाप नहीं कर सकते हैं। वह एक महापुरुष हैं। चंपत राय सच्चे सनातनी हैं, जिनके नेतृत्व में इतना भव्य राम मंदिर बना। चंपत राय तो योग ऋषि हैं। इसलिए हम लोग बहुत खुश हैं कि उनको क्लीन चिट मिला।"

वहीं, अयोध्या के मेयर गिरीश पति त्रिपाठी ने कहा, "एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंप दी गई है। हमें पूरा विश्वास है कि इस रिपोर्ट के माध्यम से पूरे समाज में जो भी संशय है वह दूर होगा और दूध का दूध और पानी का पानी होगा।"

मेयर ने पूरी प्रक्रिया की जानकारी देते हुए बताया, "राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के अनुरोध पर एफआईआर दर्ज हुई और उन्हीं के अनुरोध पर एसआईटी गठित हुई और उसी क्रम में यह रिपोर्ट आज राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र को सौंप दी गई है। उच्चतम न्यायालय ने तीन सप्ताह का समय भी दिया है कि एसआईटी अपनी अंतिम रिपोर्ट वहां पर दाखिल करें। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में इसमें कोई दोषी बख्शा नहीं जाएगा।"

--आईएएनएस

पीआईएम/पीएम

Share this story

Tags