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चमोली में जूट बैग निर्माण और हस्तशिल्प से महिलाएं लिख रही हैं सफलता की नई कहानी

चमोली, 27 फरवरी (आईएएनएस)। उत्तराखंड के पर्वतीय जनपद चमोली में महिलाओं के सशक्तीकरण की दिशा में एक सकारात्मक और प्रेरणादायक पहल देखने को मिल रही है। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत महिलाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रभावी कार्य किया जा रहा है।
चमोली में जूट बैग निर्माण और हस्तशिल्प से महिलाएं लिख रही हैं सफलता की नई कहानी

चमोली, 27 फरवरी (आईएएनएस)। उत्तराखंड के पर्वतीय जनपद चमोली में महिलाओं के सशक्तीकरण की दिशा में एक सकारात्मक और प्रेरणादायक पहल देखने को मिल रही है। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत महिलाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रभावी कार्य किया जा रहा है।

जिले में अब तक 200 से अधिक महिलाओं को विभिन्न ट्रेड में प्रशिक्षण दिया जा चुका है। प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत महिलाओं को जूट बैग निर्माण, सिलाई-कढ़ाई, हस्तशिल्प और अन्य उपयोगी उत्पादों के निर्माण की विधिवत जानकारी दी जा रही है। विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा उन्हें आधुनिक तकनीकों, डिजाइन और गुणवत्ता मानकों के बारे में भी जागरूक किया जा रहा है, ताकि उनके उत्पाद बाजार की मांग के अनुरूप हों।

प्रशिक्षण पूरा करने के बाद कई महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर सामूहिक रूप से कार्य कर रही हैं, जबकि कुछ महिलाएं व्यक्तिगत स्तर पर अपना छोटा व्यवसाय शुरू कर चुकी हैं। जूट के बैग और हस्तनिर्मित उत्पादों की बाजार में बढ़ती मांग का उन्हें सीधा लाभ मिल रहा है। स्थानीय बाजारों के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों से भी ऑर्डर मिलने लगे हैं, जिससे उन्हें नियमित आय प्राप्त हो रही है।

प्रशिक्षण केंद्रों पर महिलाओं को उत्पाद की गुणवत्ता, आकर्षक पैकेजिंग और विपणन रणनीतियों की भी जानकारी दी जा रही है। उन्हें यह सिखाया जा रहा है कि किस प्रकार अपने उत्पादों को व्यापक बाजार तक पहुंचाया जाए और ग्राहकों से सीधे संपर्क स्थापित किया जाए। इस पहल से न केवल महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है, बल्कि उनके आत्मविश्वास और सामाजिक भागीदारी में भी उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है।

महिला लाभार्थी सुलोचना तिवारी ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए बताया, "इस योजना ने उनके जीवन में बड़ा बदलाव लाया है। अब वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं और परिवार की जिम्मेदारियों में सक्रिय योगदान दे पा रही हैं। चमोली में कौशल विकास की यह पहल ग्रामीण महिलाओं के लिए सशक्तीकरण की नई राह खोल रही है।"

उन्होंने कहा कि महिलाओं को केवल घर में ही रखा जाता है, लेकिन इसके माध्यम से महिलाएं बाहर आकर अपना व्यापार कर सकती हैं। इससे उनको काफी फायदा होगा। इसके साथ ही वे अपनी प्रतिभा को समाज के सामने दिखा सकती हैं।

--आईएएनएस

एसएके/एएस

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