चैत्र नवरात्रि से पहले खाद्य विभाग का बड़ा एक्शन, 400 किलो से अधिक कुट्टू आटा सीज
गौतमबुद्ध नगर, 18 मार्च (आईएएनएस)। आगामी चैत्र नवरात्रि पर्व को देखते हुए जनपद में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम लगातार बाजारों और खाद्य प्रतिष्ठानों पर छापेमारी कर रही है, ताकि लोगों को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराए जा सकें।
इसी क्रम में बुधवार को विभिन्न क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाया गया, जिसमें कुट्टू और सिंघाड़े के आटे समेत कुल सात खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए एकत्र किए गए। सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय सर्वेश मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि टीम ने ग्रेटर नोएडा के कुलेसरा क्षेत्र में स्थित कई प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी मुकेश कुमार और विजय बहादुर पटेल की टीम ने संतोष ट्रेडर्स पर छापेमारी के दौरान 240 किलोग्राम खुला कुट्टू आटा बरामद किया, जिसके संबंध में कोई बिल या वाउचर उपलब्ध नहीं था। साथ ही इस आटे पर निर्माण तिथि का भी कोई अंकन नहीं पाया गया। इसके अलावा 250 ग्राम के 244 पैकेट भी बिना बैच नंबर और निर्माण तिथि के मिले।
टीम ने नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नमूने लेकर करीब 238 किलोग्राम खुला आटा और 240 पैकेट सीज कर दिए। इसी टीम ने मुस्कान ट्रेडर्स पर भी कार्रवाई करते हुए 70 किलोग्राम खुला कुट्टू आटा और 145 पैकेट बिना लेबल वाले आटे के पाए। यहां से भी नमूने लेकर करीब 70 किलोग्राम आटा और 141 पैकेट सीज किए गए।
इस प्रकार कुल मिलाकर लगभग 400 किलोग्राम कुट्टू आटा जब्त किया गया। वहीं, खाद्य सुरक्षा अधिकारी ओपी सिंह और एसके पांडेय की टीम ने सेक्टर-49 नोएडा स्थित एक फुलफिलमेंट सेंटर से कुट्टू आटा और सिंघाड़े के आटे के नमूने लिए। इसके अलावा, यूनिवर्सिटी रोड, कासना स्थित एक किराना दुकान से किशमिश का नमूना भी जांच के लिए भेजा गया। सभी सात नमूनों को प्रयोगशाला में परीक्षण के लिए प्रेषित कर दिया गया है।
विभाग ने सभी खाद्य कारोबारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे केवल लाइसेंस प्राप्त आपूर्तिकर्ताओं से ही खाद्य सामग्री खरीदें और हर खरीद का बिल अवश्य रखें। साथ ही उत्पाद पर निर्माण तिथि, बैच नंबर और अन्य आवश्यक विवरणों का स्पष्ट अंकन होना अनिवार्य है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नवरात्रि के दौरान इस तरह के अभियान लगातार जारी रहेंगे, ताकि मिलावटी और बिना मानक वाले खाद्य पदार्थों पर रोक लगाई जा सके और उपभोक्ताओं को सुरक्षित भोजन मिल सके।
--आईएएनएस
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