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छह साल बाद उत्तर कोरिया पहुंचेंगे शी जिनपिंग, किम जोंग उन के साथ शिखर वार्ता पर दुनिया की नजर

बीजिंग/प्योंगयांग, 7 जून (आईएएनएस)। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग सोमवार से दो दिवसीय (8-9 जून) राजकीय यात्रा पर उत्तर कोरिया पहुंचेंगे। वर्ष 2019 के बाद यह उनकी पहली उत्तर कोरिया यात्रा होगी। इस दौरान उनकी मुलाकात उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन से होगी, जहां दोनों नेता द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
छह साल बाद उत्तर कोरिया पहुंचेंगे शी जिनपिंग, किम जोंग उन के साथ शिखर वार्ता पर दुनिया की नजर

बीजिंग/प्योंगयांग, 7 जून (आईएएनएस)। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग सोमवार से दो दिवसीय (8-9 जून) राजकीय यात्रा पर उत्तर कोरिया पहुंचेंगे। वर्ष 2019 के बाद यह उनकी पहली उत्तर कोरिया यात्रा होगी। इस दौरान उनकी मुलाकात उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन से होगी, जहां दोनों नेता द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा करेंगे।

विश्लेषकों का मानना है कि इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य चीन और उत्तर कोरिया के बीच पारंपरिक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करना है। हाल के वर्षों में उत्तर कोरिया के रूस के साथ बढ़ते संबंधों को लेकर दोनों देशों के रिश्तों में कुछ दूरी की अटकलें लगाई गई थीं। हालांकि, पिछले वर्ष सितंबर में किम जोंग उन की चीन यात्रा और शी जिनपिंग के साथ उनकी मुलाकात ने दोनों देशों की दोस्ती को फिर से मजबूती देने का संकेत दिया था।

चीन की सरकारी समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने इस यात्रा को "ऐतिहासिक" बताते हुए कहा है कि इससे दोनों देशों के संबंधों के विकास के लिए एक नई रूपरेखा तैयार होगी।

यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब शी जिनपिंग हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ अलग-अलग शिखर बैठकें कर चुके हैं। माना जा रहा है कि चीन वैश्विक मंच पर अपने कूटनीतिक प्रभाव को और मजबूत करने के साथ-साथ उत्तर कोरिया के साथ रणनीतिक संबंधों को नई दिशा देना चाहता है।

दूसरी ओर, उत्तर कोरिया आर्थिक सहयोग के लिए चीन पर अपनी निर्भरता बनाए रखना चाहता है। साथ ही, अमेरिका द्वारा वार्ता की इच्छा जताए जाने के बीच प्योंगयांग बीजिंग के समर्थन को और मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।

यात्रा से ठीक पहले किम जोंग उन की बहन किम यो जोंग ने उत्तर कोरिया की परमाणु शक्ति संपन्न राष्ट्र की स्थिति को दोहराते हुए परमाणु निरस्त्रीकरण की किसी भी संभावना को खारिज कर दिया। दुनिया की नजर इस बात पर रहेगी कि कोरियाई प्रायद्वीप की सुरक्षा और परमाणु मुद्दे पर शी जिनपिंग और किम जोंग उन क्या संदेश देते हैं।

--आईएएनएस

केआर/

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