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सीबीएसई 12वीं कला की परीक्षा में रांची की भव्या रंजन को देश भर में पहला स्थान

रांची, 13 मई (आईएएनएस)। रांची के ऑक्सफोर्ड स्कूल की छात्रा भव्या रंजन ने सीबीएसई 12वीं की परीक्षा में कला संकाय में 99.8 प्रतिशत अंकों के साथ नेशनल टॉपर बनने का गौरव हासिल किया है। उनकी सफलता के बाद स्कूल परिसर में खुशी का माहौल है, वहीं परिजनों और शिक्षकों ने इसे मेहनत, अनुशासन, और निरंतर मार्गदर्शन का परिणाम बताया है।
सीबीएसई 12वीं कला की परीक्षा में रांची की भव्या रंजन को देश भर में पहला स्थान

रांची, 13 मई (आईएएनएस)। रांची के ऑक्सफोर्ड स्कूल की छात्रा भव्या रंजन ने सीबीएसई 12वीं की परीक्षा में कला संकाय में 99.8 प्रतिशत अंकों के साथ नेशनल टॉपर बनने का गौरव हासिल किया है। उनकी सफलता के बाद स्कूल परिसर में खुशी का माहौल है, वहीं परिजनों और शिक्षकों ने इसे मेहनत, अनुशासन, और निरंतर मार्गदर्शन का परिणाम बताया है।

भव्या ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, शिक्षकों और स्कूल के शैक्षणिक माहौल को दिया। उन्होंने बताया कि स्कूल में शुरू किए गए 'टारगेट 100' समूह से उन्हें काफी लाभ मिला। इस विशेष समूह में उन विद्यार्थियों को शामिल किया गया था, जिनका लक्ष्य हर विषय में सर्वोच्च अंक प्राप्त करना था।

समूह के तहत प्रतिदिन प्रश्न दिए जाते थे और कठिन विषयों पर शिक्षकों द्वारा तुरंत मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाता था। भव्या के मुताबिक, इससे न केवल पढ़ाई व्यवस्थित हुई, बल्कि आत्मविश्वास भी लगातार बढ़ता गया। उन्हें 500 अंकों की परीक्षा में 499 अंक प्राप्त हुए हैं।

भव्या की इस उपलब्धि से उनके माता-पिता भी बेहद भावुक और गौरवान्वित हैं। पिता राजीव रंजन ने कहा कि बेटी ने परिवार का सपना पूरा किया है, और अब उनका अगला लक्ष्य सिविल सर्विसेज में सफलता हासिल करना है। पहली कक्षा से लेकर 12वीं तक एक ही स्कूल में पढ़ाई करने को भी भव्या ने अपनी सफलता का अहम कारण बताया।

उन्होंने कहा कि शिक्षकों के निरंतर मार्गदर्शन और अनुशासित माहौल ने उन्हें लक्ष्य के प्रति केंद्रित रखा। भव्या अब इतिहास विषय से स्नातक और स्नातकोत्तर की पढ़ाई करना चाहती हैं। इसके साथ ही वह सिविल सर्विसेज की तैयारी भी जारी रखेंगी।

वहीं, भव्या के पिता राजीव रंजन ने बताया कि बेटी की पढ़ाई को प्राथमिकता देने के लिए उन्होंने निजी क्षेत्र की नौकरी तक छोड़ दी थी, ताकि उसकी शिक्षा और तैयारी पर पूरा ध्यान दे सकें। उनकी माता बिक्की गांधी शिक्षिका हैं और उन्होंने भी पढ़ाई के दौरान लगातार मार्गदर्शन दिया।

--आईएएनएस

एसएनसी/डीकेपी

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