बैंक धोखाधड़ी मामले की जांच तेज, सीबीआई ने मुंबई की कंपनी पर मारा छापा
मुंबई, 8 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 30.63 करोड़ रुपए के बैंक धोखाधड़ी मामले में मुंबई की एक कंपनी के खिलाफ तलाशी ली। इस मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी ने बुधवार को मुंबई की एक कंपनी और उसके डायरेक्टरों से जुड़ी कई जगहों पर तलाशी अभियान चलाया।
सीबीआई ने यह तलाशी मुंबई में पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की स्ट्रेस्ड एसेट्स मैनेजमेंट (एसएएम) शाखा द्वारा मंगलवार को दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर ली। मामला एक प्राइवेट कंपनी, उसके डायरेक्टरों, अज्ञात सरकारी कर्मचारियों और अज्ञात प्राइवेट व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज किया गया, जिन पर शिकायतकर्ता बैंक को लगभग 30.63 करोड़ रुपए का गलत तरीके से नुकसान पहुंचाने का आरोप है।
आरोप है कि आरोपियों ने आपराधिक साजिश रची और देनदारों (डेटर्स) के आंकड़े बढ़ा-चढ़ाकर या दूसरी गलत फाइनेंशियल जानकारी देकर पीएनबी और कंसोर्टियम के अन्य सदस्य बैंकों से ज्यादा कैश क्रेडिट सुविधाएं हासिल कीं। इसके अलावा, आरोपियों ने बैंक से टर्म लोन मंजूर कराया और उस फंड को ऐसे कामों में इस्तेमाल किया या दूसरी जगह भेज दिया, जिनके लिए वह मंजूर नहीं हुआ था, जिससे बैंक को 30.63 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ।
तलाशी के दौरान जांच से जुड़े बैंक के जरूरी दस्तावेज, प्रॉपर्टी के कागजात और अन्य सबूत बरामद और जब्त किए गए। जब्त की गई सामग्री की शुरुआती जांच से ऐसी देनदार कंपनियों (डेटर एंटिटीज) के होने का पता चलता है, जिनकी जानकारी की पुष्टि की जा रही है। ज्यादा क्रेडिट सुविधाएं पाने के लिए देनदारों के आंकड़े बढ़ा-चढ़ाकर दिखाने से जुड़े दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं।
वहीं, मामले को लेकर सीबीआई की ओर से साजिश की पूरी हद का पता लगाने, सरकारी कर्मचारियों और प्राइवेट व्यक्तियों सहित इसमें शामिल सभी लोगों की भूमिका की पहचान करने और लोन के फंड का असल इस्तेमाल कहां हुआ, यह पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है।
--आईएएनएस
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