सीबीआई का बड़ा अंतरराष्ट्रीय अभियान: ऑपरेशन साइस्ट्राइक में 35 ठिकानों पर छापेमारी
नई दिल्ली, 2 फरवरी (आईएएनएस)। सीबीआई ने एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय अभियान चलाया। इस अभियान का नाम ऑपरेशन साइस्ट्राइक रखा गया। इसमें अमेरिका की एफबीआई, यूनाइटेड किंगडम, कुवैत, आयरलैंड और सिंगापुर की कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर काम किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य भारत और इन देशों से संचालित होने वाले ट्रांसनेशनल साइबर-इनेबल्ड फाइनेंशियल क्राइम नेटवर्क को तोड़ना था।
सीबीआई ने इस दिन नई दिल्ली, बिहार, महाराष्ट्र, कर्नाटक, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल में कुल 35 ठिकानों पर छापेमारी की। इन छापेमारियों में कई ट्रांसनेशनल साइबर फ्रॉड नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ, जो अमेरिका, ब्रिटेन, कुवैत, आयरलैंड, सिंगापुर और भारत के लोगों को ऑनलाइन ठग रहे थे। आरोपियों ने फर्जी पहचान का इस्तेमाल करके लोगों को धोखा दिया और बड़ी रकम हड़प ली।
दिल्ली में एक प्रमुख नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ, जो अमेरिकी नागरिकों को निशाना बना रहा था। इस नेटवर्क को पूरी तरह खत्म कर दिया गया। छापेमारी के दौरान लैपटॉप, मोबाइल फोन, कंप्यूटर हार्ड डिस्क जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए, जिनमें अपराध से जुड़े डिजिटल सबूत भरे पड़े थे। एक मुख्य आरोपी को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।
एक अन्य नेटवर्क का भी खुलासा हुआ, जिसे नई दिल्ली, गाजियाबाद और कर्नाटक से फर्जी डोमेन के जरिए चलाया जा रहा था। आरोपी भारतीय नागरिकों को कुवैत में बड़ी कंपनियों में नौकरी और ई-वीजा दिलाने का झांसा देकर ठग रहे थे। छापेमारी में नकली कुवैती ई-वीजा और जॉब ऑफर वाले दस्तावेज बरामद हुए। एक आरोपी से 60 लाख रुपये नकद भी जब्त किए गए।
इसके अलावा यूनाइटेड किंगडम, आयरलैंड और सिंगापुर के पीड़ितों को ठगने वाले नेटवर्क को भी नेस्तनाबूद किया गया। इन नेटवर्क से कमाई को भारत पहुंचाने वाले अकाउंट्स की पहचान कर उन्हें बंद कर दिया गया।
सीबीआई के नेतृत्व में इंटरपोल और विदेशी एजेंसियों के सहयोग से चले इस ऑपरेशन ने संगठित साइबर क्राइम को बड़ी चोट पहुंचाई है। कई बड़े नेटवर्क बाधित और खत्म हो गए हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साइबर फाइनेंशियल क्राइम पर लगाम लगाने में सफलता मिली है।
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