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सीबीआई कोर्ट ने बैंक धोखाधड़ी मामले में उत्तराखंड ग्रामीण बैंक के पूर्व ब्रांच मैनेजर समेत 12 आरोपियों को सजा सुनाई

देहरादून, 31 मार्च (आईएएनएस)। सीबीआई की विशेष अदालत ने उत्तराखंड ग्रामीण बैंक में हुए बड़े बैंक धोखाधड़ी मामले में तत्कालीन ब्रांच मैनेजर समेत कुल 12 आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है।
सीबीआई कोर्ट ने बैंक धोखाधड़ी मामले में उत्तराखंड ग्रामीण बैंक के पूर्व ब्रांच मैनेजर समेत 12 आरोपियों को सजा सुनाई

देहरादून, 31 मार्च (आईएएनएस)। सीबीआई की विशेष अदालत ने उत्तराखंड ग्रामीण बैंक में हुए बड़े बैंक धोखाधड़ी मामले में तत्कालीन ब्रांच मैनेजर समेत कुल 12 आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है।

सीबीआई कोर्ट देहरादून ने मंगलवार को फैसला सुनाते हुए उत्तराखंड ग्रामीण बैंक की बाजपुर शाखा (जिला ऊधम सिंह नगर) के तत्कालीन ब्रांच मैनेजर राम अवतार सिंह दिनकर को 4 साल की कठोर कारावास और 50,000 रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है। साथ ही, 11 निजी व्यक्तियों, राम सिंह, हरजीत सिंह, दीवान सिंह, हरदत्त सिंह, जसवीर सिंह, बलकार सिंह, पूरन चंद, दीदार सिंह, महेश कुमार, गुरदीप सिंह और सोना सिंह, को एक-एक साल की कठोर कारावास और कुल 3.3 लाख रुपए के जुर्माने की सजा दी गई है।

यह मामला वर्ष 2014-15 का है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 19 जून 2018 को उत्तराखंड ग्रामीण बैंक के महाप्रबंधक की लिखित शिकायत पर केस दर्ज किया था। आरोप था कि तत्कालीन ब्रांच मैनेजर राम अवतार सिंह दिनकर ने बाजपुर शाखा में निजी ट्रैक्टर डीलर केजीएन टैक्टर्स एंड इक्विपमेंट के साथ मिलीभगत कर बैंक के नियमों का उल्लंघन किया।

आरोपियों ने फसल ऋण (केसीसी) और कृषि सावधि ऋण के नाम पर धोखाधड़ी से बैंक से 3 करोड़ 39 लाख 94 हजार 657 रुपए निकाल लिए। फर्जी तरीके से फसल ऋण की राशि को कृषि सावधि ऋण के मार्जिन मनी के रूप में दिखाया गया और पूरा पैसा ट्रैक्टर डीलर को ट्रांसफर कर दिया गया। हालांकि, न तो कोई ट्रैक्टर खरीदा गया और न ही कोई कृषि मशीनरी। इससे बैंक को भारी वित्तीय नुकसान हुआ।

सीबीआई की जांच के बाद 24 दिसंबर 2018 को सभी आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की गई थी। लंबे विचारण के बाद अदालत ने सभी 12 आरोपियों को दोषी पाया और आज सजा सुनाई। सीबीआई ने इस मामले में मजबूत सबूत पेश किए, जिसमें दस्तावेजी प्रमाण, बैंक रिकॉर्ड और गवाहों के बयान शामिल थे। अदालत ने पाया कि ब्रांच मैनेजर ने अपने पद का दुरुपयोग कर बैंक की प्रक्रियाओं और दिशानिर्देशों का घोर उल्लंघन किया।

--आईएएनएस

एससीएच

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