कंबोडिया से जुड़े मानव तस्करी मामले में एनआईए की कार्रवाई, बिहार, यूपी और दिल्ली में 6 ठिकानों पर छापे
नई दिल्ली, 7 जुलाई (आईएएनएस)। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने कंबोडिया से जुड़े मानव तस्करी और साइबर गुलामी (साइबर स्लेवरी) मामले में मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन राज्यों में छह स्थानों पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान एजेंसी ने मोबाइल फोन, लैपटॉप, डिजिटल उपकरण और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं।
एनआईए के अनुसार, यह कार्रवाई मामले के मुख्य आरोपी आनंद कुमार सिंह उर्फ मुन्ना सिंह द्वारा संचालित मानव तस्करी और साइबर गुलामी गिरोह की जांच के तहत की गई।
एजेंसी ने बिहार के गोपालगंज, सीवान, सारण और पूर्वी चंपारण जिलों में एक-एक स्थान पर तलाशी ली। इसके अलावा उत्तर प्रदेश और दिल्ली में भी एक-एक ठिकाने पर छापेमारी की गई।
एनआईए ने बताया कि जिन स्थानों पर तलाशी ली गई, वे गिरफ्तार आरोपियों और फरार चल रहे आरोपियों के सहयोगियों एवं समर्थकों से जुड़े हुए हैं।
छापेमारी के दौरान स्मार्टफोन, लैपटॉप, विभिन्न डिजिटल उपकरणों के साथ कई आपत्तिजनक दस्तावेज और अन्य सामग्री बरामद की गई है, जिनकी जांच की जा रही है।
जांच में सामने आया है कि यह संगठित गिरोह भारतीय युवाओं को विदेश में अच्छी नौकरी और आकर्षक वेतन का लालच देकर कंबोडिया भेजता था।
एनआईए के अनुसार, कंबोडिया पहुंचने के बाद पीड़ितों के पासपोर्ट जब्त कर लिए जाते थे और उन्हें कथित तौर पर धोखाधड़ी करने वाली कंपनियों के हवाले कर दिया जाता था।
जांच में यह भी पता चला है कि मुख्य आरोपी आनंद कुमार सिंह भारत में विभिन्न सब-एजेंटों और ट्रैवल एजेंटों के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर और नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को फंसाता था। इसके बाद अपने सहयोगियों की मदद से उन्हें विदेश भेजा जाता था।
एनआईए के मुताबिक, पीड़ितों ने अपने बयान में बताया कि कंबोडिया पहुंचने के बाद उन्हें जबरन साइबर ठगी से जुड़ी कंपनियों में काम करने के लिए मजबूर किया जाता था।
यदि कोई व्यक्ति काम करने से इनकार करता था तो उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। पीड़ितों ने आरोप लगाया कि उन्हें बिजली के झटके दिए जाते थे, जबरन बंद करके रखा जाता था और भोजन तथा पानी तक से वंचित किया जाता था।
एनआईए ने बताया कि मई 2026 में मुख्य आरोपी आनंद कुमार सिंह और उसके चार सहयोगियों प्रह्लाद कुमार सिंह, अभयनाथ दुबे, अभिरंजन कुमार और रोहित यादव के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया गया था।
इससे पहले फरवरी 2026 में आनंद कुमार के तीन सहयोगियों अभय, अभिरंजन और रोहित को कंबोडिया से दिल्ली लौटने पर गिरफ्तार किया गया था।
एनआईए ने कहा कि मामले में फरार आरोपियों और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश लगातार जारी है। एजेंसी का मानना है कि यह एक संगठित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क है, जो भारतीय युवाओं को मानव तस्करी के जरिए विदेश भेजकर साइबर अपराधों में धकेलता था।
--आईएएनएस
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