'सीएजी की रिपोर्ट ने खुद को 'कट्टर ईमानदार' बताने वालों की खोली पोल,' भाजपा का केजरीवाल पर हमला
नई दिल्ली, 11 अगस्त (आईएएनएस)। दिल्ली को लेकर भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (सीएजी) की 2023 की रिपोर्ट सामने आने के बाद से लगातार पिछली आम आदमी पार्टी सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। इस बीच मंगलवार को दिल्ली विधानसभा के बाहर मीडिया से बात करते हुए एक बार फिर भाजपा नेता ने पूर्व की केजरीवाल सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। नेताओं का कहना है कि सीएजी की रिपोर्ट ने 'कट्टर ईमानदार' की छवि वाले दावों की पोल खोल दी है।
दिल्ली विधानसभा के डिप्टी स्पीकर और भाजपा विधायक मोहन सिंह बिष्ट ने कहा, "सीएजी की रिपोर्ट से पता चला है कि पिछली सरकारों ने कैसे घोटाले किए और किस तरह का भ्रष्टाचार हुआ। जो लोग खुद को 'कट्टर ईमानदार' कहते थे, उन्होंने असल में क्या किया, यह सीएजी की रिपोर्ट में सामने आया है।"
उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार पर चर्चा का मकसद सिर्फ जनता को सच्चाई बताना है। उन्होंने कहा, "इसके तहत किसी सजा या ऐसी किसी कार्रवाई का कोई प्रावधान नहीं है जिससे पिछली सरकार के लोगों को सज़ा मिले या वे कोई सबक सीखें। लेकिन जनता के बीच यह संदेश ज़रूर जाना चाहिए कि पिछली सरकारें घोटालों वाली सरकारें थीं।"
दिल्ली सरकार के मंत्री रविंदर इंद्रराज सिंह ने आंकड़े सामने रखते हुए दावा किया, "आम आदमी पार्टी के नेतृत्व वाली पिछली सरकार पर भ्रष्टाचार के करीब 30,000 करोड़ से 35,000 करोड़ के आरोप सीएजी की रिपोर्ट के जरिए सामने आ रहे हैं। दिल्ली और देश भर के लोगों को पिछली सरकार का असली चेहरा पता चलना चाहिए।"
भाजपा विधायक शिखा रॉय ने कहा, "सीएजी रिपोर्ट पर विस्तार से चर्चा होनी चाहिए। सभी को यह सच्चाई पता होनी चाहिए कि दिल्ली की पिछली सरकार, यानी आम आदमी पार्टी की सरकार ने दिल्ली की जनता के साथ कैसे खिलवाड़ किया, उन्हें धोखा दिया, उनके पैसे बर्बाद किए और जनता के पैसे में भ्रष्टाचार किया। जब ये सभी बातें सीएजी रिपोर्ट में सामने आएंगी, तो हम मांग करेंगे कि इसे पब्लिक अकाउंट्स कमेटी को भेजा जाए और इस पर एक उचित रिपोर्ट तैयार की जाए।"
वहीं, कुछ दिन पहले दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश वर्मा ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पिछली केजरीवाल सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने दावा किया कि अब तक सामने आई 24 सीएजी रिपोर्टों में करीब 15 हजार करोड़ रुपए की अनियमितताएं और कथित घोटाले सामने आए हैं। प्रवेश वर्मा ने जीएसटी बकाया, ई-वे बिल, बिजली सब्सिडी, मैनुअल टेंडर, दिल्ली जल बोर्ड की जेई भर्ती और एलएनजेपी अस्पताल की लागत जैसे मुद्दों पर सवाल उठाए थे।
--आईएएनएस
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