कैफे बंद होने के बाद शौक पूरे करने के लिए बने चोर, प्रेमी जोड़े ने गैंग बनाकर नोएडा में की चोरी
नोएडा, 2 सितंबर (आईएएनएस)। कैफे का कारोबार बंद होने के बाद आर्थिक तंगी और अपने शौक पूरे करने के लिए चोरी का रास्ता अपनाने वाले एक प्रेमी जोड़े समेत तीन शातिर चोरों को नोएडा पुलिस ने गिरफ्तार किया है। सेक्टर-113 थाने की पुलिस ने लोकल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को सेक्टर-123 स्थित श्मशान घाट के पास से पकड़ा। गिरफ्तार आरोपियों में एक महिला भी शामिल है, जिसकी पहचान सोनाली के रूप में हुई है।
पुलिस के मुताबिक, सोनाली ही गैंग को लीड करती थी और बंद मकानों की रेकी में अहम भूमिका निभाती थी। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कैलाश उर्फ दिवाकर (30), इरफान उर्फ इमरान (32), और सोनाली (24) के रूप में हुई है। कैलाश और सोनाली लिव-इन रिलेशनशिप में रहते हैं। पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों ने पहले गाजियाबाद और बाद में नोएडा में कैफे चलाया था। कारोबार में नुकसान होने के बाद कैफे बंद हो गया। इसके बाद आर्थिक परेशानी के बीच अपने महंगे शौक पूरे करने के लिए तीनों ने चोरी की घटनाओं को अंजाम देना शुरू कर दिया।
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे हाईराइज सोसाइटी और मकानों की रेकी करते थे। गैंग के सदस्य सिर पर कैप और चेहरे पर मास्क लगाकर सोसाइटी में घूमते थे, ताकि उनकी पहचान न हो सके। रेकी के दौरान यह देखा जाता था कि कौन सा फ्लैट या मकान बंद है और वहां आने-जाने वाला कोई व्यक्ति मौजूद है या नहीं। इसके बाद तीनों आरोपी कार से मौके पर पहुंचते और बंद पड़े मकानों को निशाना बनाते थे। घर में घुसने के बाद आरोपी सोने-चांदी की ज्वैलरी, नकदी, मोबाइल फोन, लैपटॉप और टैबलेट समेत अन्य कीमती सामान चोरी कर फरार हो जाते थे।
पुलिस के मुताबिक, महिला आरोपी सोनाली रेकी के दौरान गैंग को लीड करती थी, जबकि कैलाश और इरफान चोरी की वारदात को अंजाम देने में उसके साथ रहते थे। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी दिन के समय चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे और रात में रेस्तरां व बार में जाकर पार्टी करते थे। कैफे के कारोबार में नुकसान के बाद प्रेमी जोड़े के महंगे शौक पूरे नहीं हो पा रहे थे। इसके बाद उन्होंने चोरी से मिलने वाले पैसों का इस्तेमाल अपने खर्च और मौज-मस्ती में करना शुरू कर दिया।
सेक्टर-113 थाने की पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की पीली धातु और सफेद धातु की ज्वैलरी, पांच लैपटॉप, दो टैबलेट, छह मोबाइल फोन और 3.5 लाख रुपए नकद बरामद किए हैं। इसके अलावा, चोरी की घटनाओं में इस्तेमाल की गई कार भी बरामद हुई है। पुलिस ने कार से फर्जी नंबर प्लेट भी बरामद की है। बरामद पांच लैपटॉप थाना सेक्टर-113 और थाना सेक्टर-49 में दर्ज चोरी के मुकदमों से संबंधित बताए गए हैं। दो टैबलेट भी थाना सेक्टर-49 में दर्ज मुकदमे से संबंधित हैं।
पुलिस अब बरामद अन्य सामान के संबंध में भी जानकारी जुटा रही है कि वह किन-किन घटनाओं से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार तीनों आरोपियों के खिलाफ नोएडा और मथुरा में चोरी समेत अन्य धाराओं में कई मुकदमे दर्ज हैं। कैलाश उर्फ दिवाकर के खिलाफ थाना फेस-2, थाना सेक्टर-49, थाना गोविन्दनगर मथुरा और थाना सेक्टर-113 में मुकदमे दर्ज पाए गए हैं।
वहीं, इरफान उर्फ इमरान और सोनाली के खिलाफ भी थाना सेक्टर-49, थाना गोविन्दनगर मथुरा तथा थाना सेक्टर-113 में चोरी से संबंधित मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ और बरामद सामान के आधार पर चोरी की अन्य घटनाओं के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि गैंग ने नोएडा और एनसीआर के अन्य इलाकों में कितनी वारदातों को अंजाम दिया है।
--आईएएनएस
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