पेपर लीक संशोधन बिल को कैबिनेट की मंजूरी, 27 जुलाई को संसद में होगा पेश, वीडियो में अश्विनी वैष्णव ने कहा- 'आज कोई पेपर लीक नहीं हो रहा'
प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। पेपर लीक संशोधन बिल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट बैठक में मंजूरी मिल गई है। अब यह बिल सोमवार 27 जुलाई को संसद में पेश किया जाएगा। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि बिल को संसद के आगामी सत्र में रखा जाएगा। सरकार का उद्देश्य परीक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाना और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान करना है।
कैबिनेट बैठक में मिली मंजूरी
सूत्रों के मुताबिक, शुक्रवार को संसद भवन में प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक हुई। इसमें कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा की गई, जिनमें पेपर लीक संशोधन बिल भी शामिल था।बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देने मीडिया के सामने आए। हालांकि, जब पत्रकारों ने उनसे पेपर लीक संशोधन बिल को लेकर सवाल किए तो उन्होंने इस पर कोई विस्तृत जवाब नहीं दिया।
अश्विनी वैष्णव ने दिए मजेदार जवाब
मीडिया के सवालों पर अश्विनी वैष्णव ने हर बार सिर्फ एक शब्द कहा- 'नेक्स्ट'। वह इस मुद्दे पर कोई टिप्पणी करने से बचते नजर आए।हालांकि, बातचीत के दौरान उन्होंने एक रिपोर्टर से मजाक करते हुए कहा- "आज कोई पेपर लीक नहीं हो रहा।" उनके इस बयान पर वहां मौजूद लोगों के बीच हल्की मुस्कान देखने को मिली।
पीएम मोदी ने पहले ही दिए थे संकेत
पेपर लीक संशोधन बिल को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार रात एक वीडियो जारी किया था। इसमें उन्होंने बताया था कि शुक्रवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में इस बिल पर चर्चा की जाएगी और इसके बाद इसे संसद में पेश किया जाएगा।पीएम मोदी ने परीक्षा प्रणाली को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा था कि युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
छात्रों के हितों को लेकर उठाए जाएंगे कदम
देश में पिछले कुछ समय से कई बड़ी परीक्षाओं में पेपर लीक और गड़बड़ियों के आरोप सामने आए हैं। इन घटनाओं के बाद छात्रों और विपक्ष की ओर से सरकार पर लगातार सवाल उठाए जा रहे थे।नए संशोधन बिल के जरिए परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने की कोशिश की जाएगी। माना जा रहा है कि बिल में पेपर लीक करने वालों, परीक्षा में धोखाधड़ी करने वालों और इसमें शामिल गिरोहों के खिलाफ कड़े प्रावधान किए जा सकते हैं।
संसद में होगी आगे की चर्चा
अब 27 जुलाई को संसद में बिल पेश होने के बाद इस पर विस्तृत चर्चा होगी। इसके बाद ही इसके प्रावधानों और संभावित बदलावों की पूरी जानकारी सामने आएगी।पेपर लीक की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए सरकार का यह कदम काफी अहम माना जा रहा है। वहीं, छात्रों और विपक्ष की नजर अब इस बात पर है कि नए कानून में क्या-क्या सख्त प्रावधान शामिल किए जाते हैं।

