सीए इंटरमीडिएट 2026: दोनों ग्रुप में 8.47 फीसदी छात्र हुए सफल, शार्दुल शेखर विचारे बने टॉपर
नई दिल्ली, 24 जून (आईएएनएस) इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटस (आईसीएआई) ने मई 2026 में आयोजित सीए इंटरमीडिएट परीक्षा के परिणाम घोषित कर दिए हैं। देश की सबसे कठिन पेशेवर परीक्षाओं में गिनी जाने वाली इस परीक्षा में हजारों विद्यार्थियों ने अपनी मेहनत और धैर्य की परीक्षा दी, हालाँकि सफलता केवल चुनिंदा अभ्यर्थियों के हिस्से आई है। इस बार की परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए महाराष्ट्र स्थित डोंबिवली के शार्दुल शेखर विचारे ने अखिल भारतीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया। उन्होंने 600 में से 531 अंक हासिल किए, जो 88.50 प्रतिशत अंक हैं। दूसरे स्थान पर कोच्चि के अभिनव सतीश रहे। अभिनव सतीश ने 530 अंक प्राप्त कर 88.33 प्रतिशत अंक हासिल किए।
पहले और दूसरे स्थान के बीच केवल 1 अंक का अंतर रहा, जिसने प्रतिस्पर्धा को और भी रोमांचक बना दिया। तीसरे स्थान पर मुंबई के तीर्थ जैन रहे। उन्होंने 519 अंक प्राप्त कर 86.50 फीसदी अंक हासिल किए और देशभर में तीसरा स्थान प्राप्त किया। गौरतलब है कि मई महीने में 33,304 अभ्यर्थियों ने सीए के दोनों समूहों की परीक्षा दी थी अब इनमें से केवल 2,820 अभ्यर्थी ही दोनों समूहों में सफल हो पाए हैं। इस बार भारत और विदेशों में स्थित 611 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित परीक्षा के लिए कुल 1,53,862 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया था।
विशेषज्ञों का कहना है कि परीक्षा परिणामों ने एक बार फिर साबित कर दिया कि सीए की राह आसान नहीं है। हालाँकि महीनों की तैयारी, अनुशासन और अथक परिश्रम से सैकड़ों छात्रों ने सफलता हासिल की है। संस्थान के मुताबिक ग्रुप -1 की परीक्षा में 91,237 अभ्यर्थी शामिल हुए। इनमें से केवल 9,350 अभ्यर्थी ही सफलता प्राप्त कर सके। इस प्रकार उत्तीर्णता प्रतिशत 10.25 प्रतिशत रहा। परीक्षा देने वाले लगभग हर 10 अभ्यर्थियों में से केवल 1 अभ्यर्थी ही इस चरण को पार कर सका।
वहीं, ग्रुप-2 का प्रदर्शन अपेक्षाकृत बेहतर रहा। ग्रुप-2 में 64,381 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। इनमें से 10,372 अभ्यर्थी सफल रहे और उत्तीर्णता प्रतिशत 16.11 प्रतिशत दर्ज किया गया। यह ग्रुप-1 की तुलना में बेहतर प्रदर्शन माना जा रहा है, लेकिन यहां भी सफलता का प्रतिशत सीमित ही रहा। सीए अभ्यर्थियों के लिए सबसे बड़ी परीक्षा दोनों समूहों को एक साथ उत्तीर्ण करना माना जाता है। मई 2026 में 33,304 अभ्यर्थियों ने दोनों समूहों की परीक्षा दी, लेकिन इनमें से केवल 2,820 अभ्यर्थी ही दोनों समूहों में सफल हो पाए।
कुल उत्तीर्णता प्रतिशत मात्र 8.47 फीसदी रहा। यानी प्रत्येक 100 अभ्यर्थियों में से लगभग 8 ही दोनों समूहों को एक साथ पार कर सके। यह आंकड़ा सीए परीक्षा की कठिनाई और प्रतिस्पर्धा का स्पष्ट संकेत देता है। शीर्ष तीन स्थानों पर कड़ा मुकाबला देखने को मिला। प्रथम स्थान शार्दुल शेखर विचारे (डोंबिवली) द्वितीय स्थान अभिनव सतीश (कोच्चि) व तृतीय स्थान मुंबई के तीर्थ जैन को मिला है। विशेष बात यह रही कि प्रथम और द्वितीय स्थान के बीच केवल एक अंक का अंतर रहा, जिसने इस परीक्षा की प्रतिस्पर्धात्मक प्रकृति को और अधिक उजागर किया।
आईसीएआई के अध्यक्ष प्रसन्ना कुमार डी ने सफल विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि छात्रों की लगन, समर्पण और निरंतर मेहनत का परिणाम है। उन्होंने कहा कि सफलता कोई अंतिम मंजिल नहीं, बल्कि नए लक्ष्यों की ओर बढ़ने का अवसर है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने सपनों को साकार करने के लिए निरंतर प्रयास जारी रखने का आह्वान किया है। अभ्यर्थी अपना परिणाम और विस्तृत अंक विवरण आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं।
आईसीएआई परिणाम पोर्टल पर परिणाम देखने के लिए अभ्यर्थियों को अपना पंजीकरण नंबर और रोल नंबर दर्ज करना होगा। सीए इंटरमीडिएट परीक्षा को चार्टर्ड अकाउंटेंसी की यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण चरण माना जाता है। इस परीक्षा में सफलता केवल विषयों की जानकारी से नहीं बल्कि समय प्रबंधन, विश्लेषणात्मक क्षमता, निरंतर अभ्यास और मानसिक दृढ़ता से भी तय होती है।
--आईएएनएस
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