Samachar Nama
×

बर्फीले तूफान की चपेट में आए सभी पर्वतारोहियों की मौत, दो के मिले शव : नेपाल

बर्फीले तूफान की चपेट में आए सभी पर्वतारोहियों की मौत, दो के मिले शव : नेपाल
बर्फीले तूफान की चपेट में आए सभी पर्वतारोहियों की मौत, दो के मिले शव : नेपाल

काठमांडू, 2 अगस्त (आईएएनएस)। दुनिया के 12वें सबसे ऊंची चोटी, ब्रॉड पीक पर चढ़ाई के दौरान 30 जुलाई, 2026 को 6,600 मीटर की ऊंचाई पर (कैंप-2 से कैंप-3 के रास्ते में) एक भयानक हिमस्खलन (बर्फीले तूफान) में पर्वतारोहियों की दुखद मौत हो गई। नेपाल के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर बताया कि अब तक देश के दो पवर्तारोहियों का शव मिल गया है और बाकी की तलाश जारी है।

परराष्ट्र मंत्रालय (विदेश मंत्रालय) के बयान अनुसार, प्रसिद्ध पर्वतारोही निर्मल पुर्जा "निम्स दाई" के साथ-साथ नेपाली पर्वतारोहियों - पुर बहादुर गुरुंग "युक्ता", किली पेम्बा शेरपा "किलु", निमा शेरपा, नवांग थिंडू शेरपा, ग्यालु शेरपा - और उनके साथ ब्रॉड पीक पर चढ़ाई कर रही अंतरराष्ट्रीय टीम के सदस्यों की दुखद मौत से पर्वतारोहण के क्षेत्र को अपूरणीय क्षति हुई है।

लापता हुए पर्वतारोहियों की तलाश में मदद के लिए मंत्रालय ने पाकिस्तानी एजेंसियों की भी तारीफ की। आगे लिखा है कि, नेपाली पर्वतारोहियों सहित चढ़ाई करने वाली टीम के लापता होने की खबर मिलते ही, संबंधित पाकिस्तानी एजेंसियों और नेपाली टीम ने खोज और बचाव अभियान तेज कर दिया। "हम ऊंचे हिमालयी क्षेत्र में मुश्किल खोज अभियान चलाने में शामिल पाकिस्तानी और नेपाली पर्वतारोहण टीमों की बहादुरी की सराहना करते हैं।"

बयान के अनुसार दो लोगों का शव मिल गया है। हादसे में मारे गए नेपाली पर्वतारोहियों में से पुर बहादुर गुरुंग "युक्ता" और ग्यालु शेरपा के शव मिल गए हैं, जबकि बाकी लोगों की तलाश जारी है। यह भी बताया गया है कि इस्लामाबाद स्थित नेपाली दूतावास नेपाली पर्वतारोहियों के शवों को वापस घर लाने के लिए जरूरी इंतजाम कर रहा है।

इस दुख की घड़ी में, नेपाल सरकार का विदेश मंत्रालय दिवंगत पर्वतारोहियों को भावभीनी श्रद्धांजलि देता है और शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता है।

इससे पहले, एडवेंचर ग्रुप एलीट एक्सपेड ने इसकी पुष्टि की थी। बताया था कि 43 साल के पुर्जा ब्रॉड पीक पर चढ़ने के लिए एक टीम को लीड कर रहे थे, जब गुरुवार दोपहर हिमस्खलन आया। इसके बाद टीम के सभी 10 सदस्यों से उनका संपर्क टूट गया।

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने भी पुर्जा के निधन पर दुख व्यक्त किया था। श्रद्धांजलि देते हुए उन्होंने फेसबुक पर लिखा, “पहाड़ कई पर्वतारोहियों को अपनी चोटियों तक पहुंचने का गौरव देते हैं, लेकिन कभी-कभी वे उन्हें हमेशा के लिए गले भी लगा लेते हैं। फिर भी पर्वतारोही अपनी हिम्मत और लगन से इतिहास में अमर रहते हैं।”

--आईएएनएस

केआर/

Share this story

Tags