बंटी यादव के परिजनों को मिलना चाहिए 10 करोड़ मुआवजा: विधायक भाई वीरेंद्र
पटना, 16 जुलाई (आईएएनएस)। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) विधायक भाई वीरेंद्र ने बंटी यादव हत्याकांड मामले में सरकार और प्रशासन पर उदासीन रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने बंटी यादव के परिजनों को 10 करोड़ रुपए का मुआवजा देने की मांग की।
उन्होंने गुरुवार को समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि बंटी यादव ने देह व्यापार से जुड़े मुद्दों को उठाने का काम किया। इस देह व्यापार में कई राजनेताओं के शामिल होने की भी बातें कही जा रही थी। इस देह व्यापार में कई पुलिसकर्मी भी शामिल थे, जो उगाही का काम करते थे। बंटी यादव ने इसका विरोध किया, जिससे खफा हुए कुछ लोगों ने उसे मौत के घाट उतार दिया। अफसोस की बात है कि अभी तक सरकार और प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।
विधायक भाई वीरेंद्र सिंह के मुताबिक, जिन लोगों के पास बिना लाइसेंस के हथियार पाए जाते हैं, उनके खिलाफ सरकार त्वरित कार्रवाई करती है। यहां तक कि ऐसे मामलों में सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट की ओर से भी संज्ञान लिया जा रहा है। ऐसी स्थिति में मेरी सरकार से यही मांग रहेगी कि वो इस तरह के गंभीर और संवेदनशील मामले का भी स्वत: संज्ञान ले और त्वरित कार्रवाई करें, ताकि बंटी यादव को न्याय मिल सके, लेकिन यह अफसोस की बात है कि इस मामले में सरकार और प्रशासन की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही है। वजह यह है कि बंटी यादव एक गरीब और विधवा का बेटा है, उसके पिता भी नहीं हैं।
इसके अलावा, बंटी यादव हत्याकांड में संलिप्त आरोपी का एनकाउंटर किए जाने पर भी सवाल उठाए। उनके मुताबिक एनकाउंटर करना उचित कदम नहीं है। अगर कोई आरोपी किसी भी आपराधिक कृत्य में संलिप्त पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए उसके आजीवन सलाखों के पीछे या फांसी के फंदे तक पहुंचाया जाए। इस तरह की कार्रवाई कानूनी मानी जाएगी, सीधे आरोपियों का एनकाउंटर कर देने भर से अपनी नैतिक जिम्मेदारियों से नहीं बचा जा सकता है।
साथ ही भाई वीरेंद्र सिंह ने यह भी बताया कि वो बिहार के आगामी मानसून सत्र में किन-किन मुद्दों को उठाएंगे। उन्होंने कहा कि वो आगामी मानसून सत्र में बिहार में बिगड़ चुकी कानून-व्यवस्था और बढ़ती महंगाई के मुद्दों को उठाएंगे। उन्होंने कहा कि आज की तारीख में बिहार की स्थिति ऐसी हो चुकी है कि अर्थ के अभाव में विकास परियोजनाएं अधर में लटकी हुई हैं। कई परियोजनाओं पर काम नहीं हो रहा है। सड़कों का निर्माण रूका हुआ है। कई कॉन्ट्रेक्टरों का पैसा रूका हुआ है। इस वजह से राज्य में विकास की गति रूक गई है। बिहार में विकास की गति को तेज करने के लिए केंद्र सरकार को भी कदम आगे बढ़ाना होगा।
वहीं, उन्होंने एक देश एक चुनाव को लेकर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि जब संवैधानिक पदों पर बैठे लोग ही सरकार के इशारों पर काम कर रहे हैं तो कुछ भी हो सकता है। लिहाजा मैं आम जनता से यही अपील करना चाहूंगा कि वे आप पार्टी और धर्म को छोड़कर देश की चिंता करें, क्योंकि देश में कई मुद्दे हैं, जिनमें बेरोजगारी और महंगाई जैसे विषय शामिल हैं। ऐसी स्थिति में इन मुद्दों पर भी ध्यान देना होगा तभी जाकर स्थिति सकारात्मक होगी।
भाई वीरेंद्र सिंह ने कहा कि मैं आम लोगों से यही अपील करना चाहूंगा कि वो नेताओं पर विश्वास नहीं करें, क्योंकि इन्हीं नेताओं की वजह से आप त्रस्त हैं। यही नेता अब कॉरपोरेट घरानों से जुड़े लोगों की जेब भर रहे हैं। ऐसी स्थिति में आम जनता को ऐसे मामलों को स्वत: संज्ञान लेकर अपने कदम आगे बढ़ाने होंगे, तभी कुछ हो पाएगा। आज की तारीख में नेताओं से आम लोगों का विश्वास खत्म हो चुका है।
--आईएएनएस
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