बुखार के दौरान ये छोटी-सी गलती बढ़ा सकती है परेशानी, ठंडे पानी से नहाना पड़ सकता है भारी
नई दिल्ली, 28 जुलाई (आईएएनएस)। मानसून शुरू होते ही कई तरह की बीमारियां तेजी से बढ़ने लगती हैं। लगातार बारिश, जगह-जगह पानी भरना और नमी बढ़ने से मच्छरों की संख्या भी बढ़ जाती है। इसी वजह से डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, वायरल बुखार और टाइफाइड जैसी बीमारियों के मामले बढ़ जाते हैं। इन बीमारियों का सबसे आम लक्षण बुखार होता है।
जब घर में किसी को बुखार आता है, तो अक्सर बड़े-बुजुर्ग कहते हैं कि इस समय नहाना नहीं चाहिए, क्योंकि इससे बुखार और बढ़ जाएगा। लेकिन यह पूरी तरह सही नहीं है। बुखार में सही तरीके से नहाने से शरीर को आराम मिलता है और व्यक्ति पहले से बेहतर महसूस करता है।
वास्तव में बुखार कोई बीमारी नहीं है, बल्कि यह हमारे शरीर का एक चेतावनी संकेत है। जब कोई वायरस या बैक्टीरिया शरीर में प्रवेश करता है, तो उससे लड़ने के लिए हमारा सिस्टम शरीर का तापमान बढ़ा देता है। इसका मतलब है कि बुखार आना इस बात का सबूत है कि शरीर संक्रमण से मुकाबला कर रहा है। इसलिए केवल दवा देकर बुखार कम कर देना ही काफी नहीं है, बल्कि यह पता लगाना भी बेहद जरूरी है कि बुखार आने की असली वजह क्या है।
डॉक्टरों के मुताबिक, अगर बुखार होने पर व्यक्ति बहुत ज्यादा कमजोर नहीं है और खुद से खड़ा हो सकता है, तो वह गुनगुने पानी से आराम से नहा सकता है। गुनगुना पानी शरीर को धीरे-धीरे आराम पहुंचाता है। इससे पसीना और गंदगी साफ होती है, शरीर हल्का महसूस होता है और कई बार अच्छी नींद भी आती है।
वहीं बहुत ठंडे पानी से नहाना सही नहीं माना जाता। कई लोगों को लगता है कि ठंडा पानी शरीर का तापमान जल्दी कम कर देगा, लेकिन ऐसा नहीं होता। जब ठंडा पानी शरीर पर पड़ता है, तो शरीर खुद को गर्म रखने की कोशिश करता है। इससे कपकपी छूटती है और व्यक्ति को पहले से ज्यादा परेशानी महसूस हो सकती है। इसलिए बुखार के समय नहाने में बहुत ठंडा पानी इस्तेमाल करने से बचना चाहिए।
इसी तरह बहुत गर्म पानी से भी नहाना ठीक नहीं है। ज्यादा गर्म पानी से शरीर पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है और कमजोरी बढ़ सकती है। इसलिए सबसे अच्छा तरीका यही है कि सामान्य गुनगुने पानी का इस्तेमाल किया जाए।
अगर किसी व्यक्ति में इतनी ताकत नहीं है कि वह नहा सके, तो ऐसे में गुनगुने पानी में साफ कपड़ा भिगोकर पूरे शरीर को धीरे-धीरे पोंछना चाहिए, ताकि शरीर साफ रहे और आराम भी मिले।
बुखार के समय सबसे जरूरी बात यह है कि शरीर में पानी की कमी न होने दें। बुखार आने पर शरीर से पसीना ज्यादा निकलता है, जिससे पानी की कमी हो सकती है। इसलिए बार-बार पानी पीना चाहिए। इसके अलावा नारियल पानी, ओआरएस, सूप, छाछ और दूसरे तरल पदार्थ भी फायदेमंद होते हैं। खाने में हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन जैसे खिचड़ी और दलिया आदि लेना अच्छा माना जाता है।
अगर बुखार एक-दो दिन में ठीक नहीं हो रहा या लगातार बढ़ रहा है, तो तुरंत डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।
--आईएएनएस
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