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बुद्ध पूर्णिमा पर राष्ट्रपति मुर्मु से लेकर कई बड़े नेताओं ने दी देशवासियों को शुभकामनाएं

नई दिल्ली, 1 मई (आईएएनएस)। बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर शुक्रवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु समेत कई प्रमुख नेताओं ने भगवान बुद्ध को याद करते हुए देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उनका कहना है कि भगवान बुद्ध के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने हजारों साल पहले थे।
बुद्ध पूर्णिमा पर राष्ट्रपति मुर्मु से लेकर कई बड़े नेताओं ने दी देशवासियों को शुभकामनाएं

नई दिल्ली, 1 मई (आईएएनएस)। बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर शुक्रवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु समेत कई प्रमुख नेताओं ने भगवान बुद्ध को याद करते हुए देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उनका कहना है कि भगवान बुद्ध के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने हजारों साल पहले थे।

राष्ट्रपति भवन के सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर किए गए पोस्ट में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा, "बुद्ध पूर्णिमा के शुभ अवसर पर मैं सभी देशवासियों और पूरे विश्व में भगवान बुद्ध के अनुयायियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देती हूं।"

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने कहा, "बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं। भगवान बुद्ध का जीवन और उनकी शिक्षाएं करुणा, अहिंसा और ज्ञान के मार्ग को निरंतर आलोकित करती हैं। शांति, सद्भाव और निस्वार्थ सेवा का उनका शाश्वत संदेश आज के विश्व में भी अत्यंत प्रासंगिक है। कामना है कि यह पवित्र दिवस हमें दयालुता अपनाने, सद्भाव बढ़ाने और सभी के कल्याण के लिए कार्य करने हेतु प्रेरित करे।"

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी बुद्ध पूर्णिमा पर एक्स पर पोस्ट कर सभी देशवासियों को शुभकामनाएं दी और कहा, "वैशाख की पूर्णिमा केवल एक पर्व नहीं, बल्कि आत्मचिंतन, जागरूकता और अध्यात्म व मानवता के मार्ग पर अनवरत चलने का संकल्प है। भगवान बुद्ध का संपूर्ण जीवन त्याग, ज्ञान और करुणा की अद्वितीय यात्रा था। एक ऐसी यात्रा जिसने मानव जीवन के गूढ़ प्रश्नों का सरल और व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत किया। राजसी वैभव को त्यागकर सत्य की खोज में निकले सिद्धार्थ ने यह सिद्ध किया कि वास्तविक सुख बाहरी साधनों में न होकर अंतर्मन की शांति और संतुलन में निहित है। उनके उपदेश, मध्यम मार्ग, चार आर्य सत्य और अष्टांगिक मार्ग आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने हजारों वर्ष पूर्व थे।"

उन्होंने आगे कहा, "भगवान बुद्ध ने अहिंसा, सहिष्णुता और समभाव को जीवन का आधार बताया। उनका दर्शन हमें यह प्रेरणा देता है कि हम अपने भीतर के अज्ञान, क्रोध और अहंकार को त्यागकर सत्य, मैत्री और करुणा के पथ पर चलें। भगवान बुद्ध का संदेश 'अप्प दीपो भव', यानी स्वयं अपना प्रकाश बनो, हमें सिखाता है कि किसी भी परिवर्तन की शुरुआत स्वयं से होती है।"

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर कहा, "समस्त देशवासियों को बुद्ध पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएं। महात्मा बुद्ध का जीवन एवं उनके विचार पूरी मानवता को शांति, करुणा और आत्मबोध की प्रेरणा देते हैं। उनका संदेश आज ढाई हजार साल बाद भी अत्यंत प्रासंगिक हैं और भावी पीढ़ियों को भी उनके विचार सदैव प्रेरित करते रहेंगे।"

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, "अहिंसा व करुणा की प्रतिमूर्ति भगवान बुद्ध ने संपूर्ण विश्व को शांति और सामाजिक समरसता का संदेश दिया। उनका जीवन दर्शन हमें सदैव प्रेरित करता रहेगा। समस्त देशवासियों को बुद्ध पूर्णिमा के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं।"

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, "आप सभी को बुद्ध पूर्णिमा के पावन पर्व की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं! सम्पूर्ण विश्व को सत्य, अहिंसा और शांति का संदेश देने वाले भगवान बुद्ध की शिक्षाएं एवं पुण्य विचार सर्वदा हमें मानवता की सेवा व कल्याण के लिए प्रेरित करते रहेंगे। आइए, हम सभी उनके अमूल्य उपदेशों को आत्मसात कर श्रेष्ठतम समाज के निर्माण में अपना योगदान दें।"

उत्तर प्रदेश सीएम योगी आदित्यनाथ ने एक्स पोस्ट में कहा, "पावन बुद्ध पूर्णिमा की सभी श्रद्धालुओं एवं प्रदेश वासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। उत्तर प्रदेश की दिव्य धरा से ही भगवान बुद्ध ने संपूर्ण विश्व को सत्य, शांति और मानवता के कल्याण का संदेश दिया था। आइए, उनके द्वारा दिखाए गए विश्व-बंधुत्व और सह-अस्तित्व के पथ का अनुगमन करते हुए उनके विचारों व आदर्शों को आत्मसात करें।"

--आईएएनएस

पीआईएम/एएस

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