जीजा-साली रोज मना रहे थे रंगरेलियां, पति जान गया राज तो… डेढ़ साल बाद सुलझी मर्डर मिस्ट्री
मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में पुलिस ने डेढ़ साल पुरानी मर्डर मिस्ट्री को सुलझा लिया है, जिसमें पहले मौत को बीमारी का नतीजा माना जा रहा था, लेकिन जांच के बाद यह हत्या निकली। मृतक संजय मालवीय की पत्नी और उसके जीजा ने मिलकर उसे मौत के घाट उतारा था। पुलिस ने इस मामले में दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। यह केस सोल्व तब हुआ, जब डेढ़ साल बाद एफएसएल रिपोर्ट में कुछ अहम तथ्य सामने आए।
मौत की वजह: बीमारी या हत्या?
यह मामला 2023 का है, जब चैरिटेबल अस्पताल में नलखेड़ा तहसील के गांव ताखला निवासी संजय मालवीय की मौत हुई थी। संजय के परिवार वालों का दावा था कि उसकी तबीयत अचानक खराब हो गई और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शुरुआत में डॉक्टरों ने उसकी मौत को बीमारी के कारण माना, लेकिन संजय की मौत पर डॉक्टर ने जहरीले पदार्थ की आशंका जताई, जो बाद में सही साबित हुई।
एफएसएल रिपोर्ट का अहम खुलासा
13 दिसंबर 2023 को संजय मालवीय की संदिग्ध मौत की सूचना चैरिटेबल हॉस्पिटल से मिली। डॉक्टरों ने संजय के शरीर में जहर की संभावना जताई थी, लेकिन परिवारवालों ने इसे बीमारी की वजह बताया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और पाया कि संजय की पत्नी और अन्य रिश्तेदार संजय को रात 1.30 बजे सिविल अस्पताल लेकर गए थे, लेकिन उसके बाद बिना किसी को बताए उसे चैरिटेबल हॉस्पिटल में भर्ती कर दिया गया। एफएसएल रिपोर्ट आने के बाद पता चला कि संजय के विसरा में सल्फास नामक जहर था, जो उसे मारने के लिए इस्तेमाल किया गया था। इस रिपोर्ट ने मामले की दिशा बदल दी और पुलिस ने संजय की पत्नी से फिर से पूछताछ की।
कुंबला हुआ सच: पत्नी और जीजा की साजिश
एफएसएल रिपोर्ट के बाद पुलिस ने संजय की पत्नी से सख्ती से पूछताछ की, और अंततः उसने अपने पति की हत्या का कबूल कर लिया। पुलिस के मुताबिक, संजय की पत्नी का अपने जीजा अंकित से अफेयर था, और इसका संजय को पता चल चुका था। दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था, और संजय ने अपनी पत्नी को कई बार जीजा के साथ आपत्तिजनक हालत में पकड़ा था।
इस विवाद ने संजय की पत्नी को इस हद तक उकसाया कि उसने अपने जीजा अंकित परमार, कल्पना, हरिनारायण मालवीय, फुंदा बाई, मीना और एक नाबालिग लड़की के साथ मिलकर संजय को षड्यंत्रपूर्वक जहर देकर हत्या कर दी। संजय को जान से मारने के लिए सल्फास का इस्तेमाल किया गया था, जो धीरे-धीरे उसकी मौत का कारण बना।
गिरफ्तारी और आरोपियों का खुलासा
पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए त्वरित कार्रवाई की और संजय की पत्नी सहित सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इन आरोपियों में संजय की पत्नी, उसका जीजा अंकित परमार, और अन्य रिश्तेदार शामिल थे। पुलिस ने बताया कि इस साजिश के तहत संजय को जहर दिया गया था, ताकि वह पति-पत्नी के बीच के विवाद से छुटकारा पा सकें और दोनों अवैध संबंधों को खुलकर जी सकें।
पुलिस का बयान
देवासगेट थाना प्रभारी अनिला पाराशर ने इस मामले के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि एफएसएल रिपोर्ट आने के बाद पुलिस ने तेजी से मामले की जांच शुरू की। हत्या के षड्यंत्र का खुलासा होने के बाद पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और अब मामले की आगे की कार्रवाई की जा रही है।
न्याय की उम्मीद
इस हत्याकांड के सुलझने से यह साफ हो गया कि कभी-कभी किसी व्यक्ति की अचानक मौत के पीछे छिपी सच्चाई एक लंबी और पेचीदी जांच के बाद ही सामने आती है। इस मामले में संजय की पत्नी और उसके जीजा के बीच का अफेयर और पारिवारिक विवाद हत्या का कारण बना। इस घटनाक्रम ने यह भी दर्शाया कि परिवारों में छिपे हुए विवाद कभी-कभी गंभीर अपराधों का रूप ले सकते हैं। पुलिस ने अपनी त्वरित कार्रवाई से न्याय दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं और आरोपी अब सजा के पात्र होंगे।

