ब्रॉन्ज जीतने के बाद मैंने सबसे पहले अपनी मां को फोन किया: रेसलर सुनील कुमार
नई दिल्ली, 30 सितंबर (आईएएनएस)। ग्रीको-रोमन रेसलर सुनील कुमार आइची-नागोया एशियन गेम्स के लिए जापान गए थे। यह कॉन्टिनेंटल गेम्स में उनकी दूसरी भागीदारी थी। हालांकि, सुनील पुरुषों के 87 किलोग्राम वर्ग में गोल्ड जीतने के इरादे से जापान गए थे, लेकिन उन्हें ब्रॉन्ज से ही संतोष करना पड़ा। सुनील को अपनी कोशिश पर गर्व है, क्योंकि घुटने की सर्जरी के बाद वापसी करते हुए उन्होंने यह कामयाबी हासिल की।
नागोया में मेडल जीतने के बाद सुनील ने सबसे पहले अपनी मा को फोन किया, क्योंकि उन्हीं के आशीर्वाद और सहयोग से वे रिहैबिलिटेशन की प्रक्रिया से गुजर पाए थे।
बुधवार को उनके स्पॉन्सर्स ने सुनील के हवाले से कहा, "भारत के लिए मेडल जीतना मेरे लिए बहुत मायने रखता है। मैं देश के लिए गोल्ड जीतने के इरादे से यहां आया था, इसलिए मुझे पता है कि मैं और बेहतर कर सकता था, लेकिन चोट से उबरकर पोडियम तक पहुंचने पर मुझे गर्व है। घुटने की सर्जरी के बाद, आईआईएस ने रिहैबिलिटेशन के दौरान मेरा साथ दिया और मुझे और मजबूती से वापसी करने में मदद की। जीतने के बाद मैंने सबसे पहले अपनी मां को फोन किया। मैं सभी के आशीर्वाद और सहयोग के लिए सचमुच आभारी हूं। मैं वापस जाकर उसके साथ इस जीत का जश्न मनाने के लिए बहुत उत्साहित हूं।"
सुनील कुमार ने बुधवार को एशियन गेम्स 2026 में पुरुषों के 87 किग्रा ग्रीको-रोमन रेसलिंग इवेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए ब्रॉन्ज मेडल जीता। उन्होंने फिलीपींस के कैलम जॉनस्टन रॉबर्ट्स को 'टेक्निकल सुपीरियरिटी' के आधार पर 9-0 से हराया।
इस जीत से सुनील ने न केवल लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल जीता, बल्कि रिकॉर्ड बुक में भी अपना नाम दर्ज कराया। 27 वर्षीय सुनील एशियन गेम्स में दो ग्रीको-रोमन रेसलिंग मेडल जीतने वाले पहले भारतीय रेसलर बन गए।
एशियन गेम्स 2022 में इसी कैटेगरी में ब्रॉन्ज मेडल जीतने के बाद पोडियम पर वापसी करते हुए, सुनील को नागोया सिटी इनाए स्पोर्ट्स सेंटर में मुकाबला जीतने के लिए सिर्फ एक राउंड की जरूरत पड़ी। उन्होंने तुरंत मैच पर पकड़ बना ली और शुरुआती दांव-पेच में रॉबर्ट्स को दो बार पटककर चार प्वाइंट्स हासिल किए। इसके बाद विरोधी के 'पैसिव' रहने पर उन्हें एक और प्वाइंट मिला, जिससे मुकाबले के शुरू होने के सिर्फ 90 सेकंड के अंदर ही भारतीय रेसलर को 5-0 की बढ़त मिल गई।
सुनील ने ढील देने का कोई संकेत नहीं दिया। उन्होंने एक और 'पैसिविटी' स्थिति का फायदा उठाते हुए अपने विरोधी को नीचे गिराया और बढ़त को 7-0 कर दिया, जिससे रॉबर्ट्स भारतीय रेसलर के लगातार हमलों का जवाब खोजने के लिए संघर्ष करते दिखे। इसके कुछ ही देर बाद मुकाबला खत्म हो गया। सुनील ने एक और स्कोरिंग मूव करके दो और प्वाइंट्स हासिल किए और 'टेक्निकल सुपीरियरिटी' के लिए जरूरी नौ प्वाइंट्स के अंतर तक पहुंच गए, जिससे मुकाबले का शानदार अंत हुआ।
--आईएएनएस
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