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देवरिया में दुल्हन की ‘बुलडोजर सवारी’ बनी आकर्षण का केंद्र, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल

देवरिया में दुल्हन की ‘बुलडोजर सवारी’ बनी आकर्षण का केंद्र, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल

उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के खखड़ी गांव से एक अनोखी और दिलचस्प घटना सामने आई है, जहां एक दुल्हन की शादी से पहले की रस्म ‘मटकोड़वा’ को यादगार बनाने के लिए उसे फूलों से सजे बुलडोजर पर बैठाकर पूरे गांव में घुमाया गया। यह अनोखा दृश्य देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया।

जानकारी के अनुसार, दुल्हन रागिनी अपने चार भाइयों की इकलौती बहन है। परिवार ने उसकी शादी से पहले होने वाली पारंपरिक मटकोड़वा रस्म को खास बनाने के लिए इस अनोखी योजना को अंजाम दिया। भाइयों ने मिलकर एक बुलडोजर को फूलों और सजावट से सजाया और उसे दुल्हन की ‘शाही सवारी’ में बदल दिया।

रस्म के दौरान रागिनी को पूरे सम्मान के साथ बुलडोजर पर बैठाया गया और उसे गांव की गलियों में घुमाया गया। इस दौरान ढोल-नगाड़ों की थाप, डीजे की धुन और हाथी-घोड़ों की पारंपरिक झांकियों ने माहौल को और भी उत्सवपूर्ण बना दिया। गांव के लोग इस दृश्य को देखकर हैरान भी हुए और उत्साहित भी नजर आए।

परिवार के सदस्यों का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल परंपरा निभाना नहीं था, बल्कि अपनी बहन के लिए एक यादगार और अलग अनुभव तैयार करना था, जिसे वह जीवनभर याद रख सके। चारों भाइयों ने मिलकर इस आयोजन की पूरी जिम्मेदारी संभाली और इसे एक बड़े उत्सव की तरह मनाया।

गांव के लोगों के अनुसार, इस तरह की अनोखी सवारी पहले कभी नहीं देखी गई थी। पारंपरिक रूप से मटकोड़वा रस्म में मिट्टी खोदने और पूजा-पाठ की परंपरा होती है, लेकिन इस परिवार ने इसे आधुनिक और रचनात्मक तरीके से मनाकर सबका ध्यान खींच लिया।

सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। लोग इस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ लोग इसे रचनात्मक और मनोरंजक पहल बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे परंपरा और आधुनिकता का अनोखा मेल मान रहे हैं। कई यूजर्स ने कहा कि इस तरह के आयोजन ग्रामीण संस्कृति को नए तरीके से प्रस्तुत करते हैं।

हालांकि, कुछ लोगों ने यह भी सवाल उठाया है कि पारंपरिक रस्मों में इस तरह के बदलाव कितने उचित हैं। इसके बावजूद, अधिकांश लोगों ने इस आयोजन को सकारात्मक और उत्साहजनक बताया है।

स्थानीय स्तर पर यह आयोजन चर्चा का विषय बन गया है और गांव में कई लोग इसे देखने के लिए पहुंचे। बच्चे, बुजुर्ग और युवा सभी इस अनोखी सवारी का हिस्सा बने और उत्सव का आनंद लिया।

निष्कर्षतः, देवरिया का यह मामला दिखाता है कि कैसे पारंपरिक रीति-रिवाजों को आधुनिक अंदाज में पेश कर उन्हें और भी यादगार बनाया जा सकता है। रागिनी की ‘बुलडोजर सवारी’ न केवल एक पारिवारिक उत्सव बनी, बल्कि यह सोशल मीडिया पर भी एक वायरल सनसनी बन गई है।

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