ब्रिक्स समिट से भारत के व्यापार और कूटनीतिक प्रभाव को मिलेगी नई मजबूती, नेताओं का दावा
नई दिल्ली, 12 सितंबर (आईएएनएस)। पश्चिमी देशों में तनाव के बीच दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स सम्मेलन को लेकर भारतीय नेताओं का मानना है कि यह भारत के लिए गर्व की बात है कि वह सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है।
आईएएनएस से बातचीत में शिवसेना नेता मनीषा कायंदे ने कहा कि मुझे लगता है कि ब्रिक्स भारत के लिए एक बहुत महत्वपूर्ण आयोजन है। इसमें भारत और विदेशों के कुछ सबसे बड़े देशों के नेता शामिल होंगे। अमेरिका की वजह से दुनियाभर में जो युद्ध जैसे हालात बने हैं, उस संदर्भ में भारत की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण रही है। इसमें पीएम मोदी की भूमिका भी बहुत अहम रही है। इस समिट की मेजबानी करना देश के लिए बहुत सम्मान की बात है।
भाजपा के वरिष्ठ नेता निर्मल सिंह ने कहा कि यह एक ऐसा उदाहरण है जो दिखाता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कितने दूरदर्शी हैं और उनका व्यक्तित्व कितना महान है कि आज दुनिया के विकसित देशों के प्रतिनिधि भारत आ रहे हैं। इसी तरह, कोविड के दौर और रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान भी प्रधानमंत्री ने शांति का संदेश दिया।
यूपी के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि ब्रिक्स समिट भारत के लिए बहुत अहम साबित हो रही है। जिस तरह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक ग्लोबल लीडर और दुनियाभर में लोकप्रिय नेता के तौर पर अपनी छवि बनाई है, चाहे चीन के राष्ट्रपति हों या रूस के राष्ट्रपति और जिस तरह से ब्रिक्स समिट में बातचीत हो रही है, उससे भारत में व्यापार के नए रास्ते खुलेंगे। मैं इस कार्यक्रम की सफलता के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिल से बधाई देता हूं।
केरल के मंत्री के. मुरलीधरन ने कहा कि ब्रिक्स समिट में रूसी राष्ट्रपति की भागीदारी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी द्विपक्षीय बैठक ऐसे समय में हो रही है जब दुनिया संघर्षों का सामना कर रही है। भारत और रूस लंबे समय से साझेदार रहे हैं। हम दो ऐसे देश हैं जिनके बीच सालाना शिखर सम्मेलन होता है और संघर्ष और तनाव से मुक्त दुनिया बनाने के लिए दोनों देशों के साथ मिलकर काम करने की काफी गुंजाइश है।
उन्होंने कहा कि ब्रिक्स समिट जिसकी मेजबानी भारत कर रहा है, निश्चित रूप से एक मील का पत्थर साबित होगी। भारत ब्रिक्स के शुरुआती स्वरूप में इसके संस्थापक सदस्यों में से एक था। अब हमारे पास एक विस्तृत ब्रिक्स है, लेकिन ब्रिक्स के लक्ष्य वही हैं। भारत विभिन्न मंचों के माध्यम से एक न्यायपूर्ण विश्व व्यवस्था का समर्थन करता है, एक ऐसी दुनिया का जहां कानून का शासन स्थापित हो और बना रहे। भारत एक ऐसी शांतिपूर्ण दुनिया भी चाहता है जहां सभी का कल्याण सुनिश्चित हो, सतत विकास के लक्ष्य हासिल किए जाएं और ऐसी दुनिया बनाने की कोशिश की जाए जो आतंकवाद से मुक्त हो और सही मायने में बहुपक्षवाद को बढ़ावा दे।
राज्यसभा सदस्य मेधा कुलकर्णी ने कहा कि ब्रिक्स समिट भारत में आयोजित हो रहा है और मेजबान देश के तौर पर भारत ने सभी देशों को इस समिट में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है। यह सम्मेलन बहुत महत्वपूर्ण है , क्योंकि इसमें व्यापार, सस्टेनेबिलिटी और अंतरराष्ट्रीय पेमेंट सिस्टम जैसे कई मुद्दों पर चर्चा होगी। इन सभी विषयों पर बातचीत की जाएगी।
जम्मू-कश्मीर के नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा ने कहा कि ब्रिक्स ऐसे देशों का समूह है जिन देशों में दुनिया की लगभग 50 फीसदी आबादी रहती है और जहां दुनिया की 40 फीसदी जीडीपी चलती है। हम स्वागत करते हैं कि ब्रिक्स सम्मेलन भारत में हो रहा है, यह भारत के लिए विकास के नए स्रोत खोलेगा।
--आईएएनएस
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