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ब्रिक्स समिट को लेकर चिदंबरम के सवाल पर भाजपा का पलटवार, चीन-रूस की मौजूदगी पर भी दी राय

ब्रिक्स समिट को लेकर चिदंबरम के सवाल पर भाजपा का पलटवार, चीन-रूस की मौजूदगी पर भी दी राय
ब्रिक्स समिट को लेकर चिदंबरम के सवाल पर भाजपा का पलटवार, चीन-रूस की मौजूदगी पर भी दी राय

नई दिल्ली, 10 सितंबर (आईएएनएस)। भारत में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम द्वारा सम्मेलन को लेकर सवाल उठाए जाने पर भाजपा नेताओं ने पलटवार किया है। भाजपा नेता गौरव वल्लभ ने चिदंबरम को 'नाराज अंकल' और 'फूफा' बताते हुए उन पर आरोप गढ़ने का आरोप लगाया। वहीं, भाजपा सांसद अजीत गोपचडे ने भी चिदंबरम के बयान पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस के पिछले शासनकाल का जिक्र किया।

दूसरी ओर, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता को सफल बताते हुए कहा कि सम्मेलन में विभिन्न देशों के नेता एक साथ भारत पहुंच रहे हैं और इससे सदस्य देशों के बीच सहयोग बढ़ाने का अवसर मिलेगा। विदेश मंत्रालय ने भी सम्मेलन के कार्यक्रम और भारत मंडपम में बनाए जा रहे इंटरनेशनल मीडिया सेंटर की जानकारी दी है।

भाजपा नेता गौरव वल्लभ ने पी चिदंबरम के ब्रिक्स समिट को लेकर उठाए गए सवालों पर निशाना साधते हुए उन्हें 'फूफा' की संज्ञा दी। उन्होंने सवाल किया कि चिदंबरम को क्या इस बात की जानकारी है कि ब्रिक्स बैंक ने 2024 और 2025 में मध्य प्रदेश में ग्रामीण सड़कों के सुधार के लिए करीब 3,000 करोड़ रुपए और गुवाहाटी में पानी, स्वच्छता तथा वितरण से जुड़ी परियोजनाओं के लिए करीब 900 करोड़ रुपए के ऋण को मंजूरी दी थी। ब्रिक्स जैसे मंचों के माध्यम से विकास परियोजनाओं को वित्तीय सहयोग मिल रहा है।

भाजपा सांसद अजीत गोपचडे ने चिदंबरम के सवालों को अनुचित बताते हुए कांग्रेस के पुराने शासनकाल का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2012 में जब कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार सत्ता में थी, तब भी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन हुआ था। उस समय कांग्रेस को सम्मेलन के लाभ क्यों दिखाई नहीं दिए। उन्होंने चिदंबरम पर गांधी परिवार के प्रति राजनीतिक निष्ठा रखने का आरोप लगाया और कांग्रेस नेतृत्व पर भी टिप्पणी की।

गोपचडे ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में बड़ी वैश्विक ताकतें विकास और शांति जैसे मुद्दों पर चर्चा के लिए भारत आ रही हैं। उन्होंने इसे भारत के वैश्विक नेतृत्व की मजबूती से जोड़ते हुए कहा कि 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करने की दिशा में ऐसे मंच महत्वपूर्ण हैं।

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ब्रिक्स समिट को लेकर कहा कि भारत की अध्यक्षता में संगठन का कामकाज बेहद सफल रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सम्मेलन के दौरान सदस्य देशों के नेता एक-दूसरे के साथ और करीब से काम करने के लिए नई राह तलाशेंगे। अलग-अलग क्षेत्रों में भारत के पास ऐसे कई मॉडल हैं, जिन्हें दूसरे देशों तक पहुंचाया जा सकता है। सम्मेलन केवल बैठकों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि विभिन्न देशों के बीच सहयोग और अनुभव साझा करने का अवसर भी बनेगा।

विदेश मंत्रालय में ओएसडी (प्रेस रिलेशंस) वासुदेव रवि ने कहा कि ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 12 और 13 सितंबर को आयोजित होगा। 12 सितंबर को सदस्य देशों के साथ कार्यक्रम होंगे, जबकि 13 सितंबर को पार्टनर और अन्य देशों के साथ कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सम्मेलन से पहले 11 सितंबर को भी कुछ कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। पूरा शिखर सम्मेलन भारत मंडपम कॉम्प्लेक्स में आयोजित किया जा रहा है। मीडिया कवरेज के लिए भारत मंडपम में इंटरनेशनल मीडिया सेंटर भी तैयार किया जा रहा है।

जम्मू-कश्मीर विधानसभा में विपक्ष के नेता सुनील शर्मा ने ब्रिक्स सम्मेलन का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह ऐसा मंच है, जहां वे देश और वैश्विक शक्तियां एक साथ आती हैं, जो किसी न किसी रूप में भारत की ताकत और वैश्विक भूमिका से जुड़ी हैं। भारत में ब्रिक्स बैठक का आयोजन देश के सर्वांगीण विकास और प्रगति के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है। प्रत्येक भारतीय को इस सम्मेलन का स्वागत करना चाहिए।

रिटायर्ड मेजर जनरल और डिफेंस एक्सपर्ट पीके सहगल ने सम्मेलन में चीन और रूस के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि भारत चाहता है कि चीन के साथ संबंध स्थिर रहें, लेकिन इसके साथ ही सीमा पर शांति और स्थिरता बनाए रखना भी जरूरी है। भारत चीन के साथ संबंधों को बेहतर बनाने की इच्छा रखता है, लेकिन सीमा पर किसी भी प्रकार की परेशानी या तनाव नहीं चाहता। ब्रिक्स के दौरान दोनों देशों के बीच व्यापक संबंधों के साथ-साथ सीमा सुरक्षा से जुड़े विषय भी रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण रहेंगे।

पटना में बिहार सरकार के मंत्री संतोष कुमार सुमन ने भी पी चिदंबरम के ब्रिक्स को लेकर सवाल उठाने पर कांग्रेस की सोच और विचारधारा पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जब कोई वरिष्ठ नेता इस तरह की टिप्पणी करता है, तो उससे कांग्रेस की राजनीतिक सोच का अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने कांग्रेस से पिछले चार दशकों के उसके कामकाज का हिसाब भी पूछा।

पुरी के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चित सैंड आर्टिस्ट और एनिमेटर मानस कुमार साहू ने रेत कला के माध्यम से ब्रिक्स नेताओं के स्वागत की तैयारी की है। मानस साहू ने कहा कि भारत में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को लेकर उत्साह है और दुनिया की नजरें इस समय भारत पर हैं। उन्होंने रेत कला के जरिए सम्मेलन और ब्रिक्स देशों के नेताओं को अनोखे अंदाज में शुभकामनाएं देने की बात कही।

--आईएएनएस

पीएसके/एबीएम

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