Samachar Nama
×

ब्रिक्स में पहले भारत को बताया जाता था सबसे कमजोर कड़ी, अब बना अहम स्तंभ : सुधांशु त्रिवेदी

ब्रिक्स में पहले भारत को बताया जाता था सबसे कमजोर कड़ी, अब बना अहम स्तंभ : सुधांशु त्रिवेदी
ब्रिक्स में पहले भारत को बताया जाता था सबसे कमजोर कड़ी, अब बना अहम स्तंभ : सुधांशु त्रिवेदी

नई दिल्ली, 11 सितंबर (आईएएनएस)। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सदस्य सुधांशु त्रिवेदी ने ब्रिक्स में भारत की मेजबानी को हर भारतीय के लिए गर्व का विषय बताया। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में ब्रिक्स एक बेहद महत्वपूर्ण वैश्विक मंच है।

सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, "भारत में शनिवार से ब्रिक्स शिखर सम्मेलन प्रारंभ हो रहा है। बदलते वैश्विक परिदृश्य में ये एक अत्यंत महत्वपूर्ण वैश्विक मंच है क्योंकि इसमें दुनिया की लगभग आधी आबादी और 40 प्रतिशत जीडीपी वाले देशों का प्रतिनिधित्व है। इस समय जब संपूर्ण विश्व में अनेक जगहों पर युद्ध और संघर्ष चल रहा है तो ऐसे समय में इन महत्वपूर्ण देशों का यह वैश्विक मंच और भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है। ऐसे समय में भारत इसकी मेजबानी कर रहा है, ये हर भारतीय के लिए गर्व का विषय है।"

सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि यह सुखद अनुभूति और अधिक सुखद हो जाती है जब हमें ध्यान आता है कि 2014 से पहले 2012-13 में भारत के बारे में ब्रिक्स को लेकर क्या लिखा जाता था।

उन्होने कहा, "कोई समाचार पत्र ये लिखता था 'ब्रिक्स में भारत सबसे कमजोर कड़ी है', कोई कहता था कि 'ब्रिक्स में भारत का महत्व न के बराबर हो गया है'। कहीं पर इस प्रकार की बातें आती थीं कि महंगाई और कम विकास दर के कारण भारत को ब्रिक्स से बाहर हो जाना चाहिए।"

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि लेकिन इन 12 वर्षों में आज वह स्थिति आई है कि ब्रिक्स में भारत एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में उभरकर देशों के बीच सुंदर समन्वय के साथ काम कर रहा है। उन्होंने कहा, "हम ये कह सकते हैं कि 12 वर्ष पूर्व व्रिक्स में 'आई' अर्थात भारत के लिए 'महत्वहीन' शब्द का प्रयोग किया जाता था लेकिन अब ब्रिक्स में भारत 'महत्वपूर्ण' कड़ी के रूप में उभरा है।"

उन्होंने उम्मीद जताई कि इस शिखर सम्मेलन से भारत को कई क्षेत्रों में फायदा होगा। सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, "मुझे लगता है कि इस शिखर सम्मेलन से भारत को आर्थिक दृष्टि क्षेत्र में, ऊर्जा के क्षेत्र में, पर्यावरण, स्वास्थ्य और अनेक क्षेत्रों में सुंदर सहयोग और समन्वय इन देशों के साथ स्थापित होगा। भारत विश्व के साथ एक सकारात्मक प्रभावी विश्व मित्र की भूमिका में आगे बढ़ता हुआ दिखाई पड़ेगा।"

--आईएएनएस

वीकेयू/पीएम

Share this story