Samachar Nama
×

ब्रेक्जिट के छह साल बाद नया विवाद: ब्रिटेन ने ईयू नागरिकों से कहा, 'रेजिडेंसी स्टेटस गलती से दिया गया था'

ब्रेक्जिट के छह साल बाद नया विवाद: ब्रिटेन ने ईयू नागरिकों से कहा, 'रेजिडेंसी स्टेटस गलती से दिया गया था'
ब्रेक्जिट के छह साल बाद नया विवाद: ब्रिटेन ने ईयू नागरिकों से कहा, 'रेजिडेंसी स्टेटस गलती से दिया गया था'

लंदन, 3 अगस्त (आईएएनएस)। ब्रेक्जिट के वर्षों बाद भी ब्रिटेन में रह रहे यूरोपीय संघ (ईयू) के हजारों नागरिकों की मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। अब ब्रिटेन के गृह मंत्रालय (होम ऑफिस) ने कई लोगों को पत्र भेजकर बताया है कि उन्हें पहले जो प्री-सेटल्ड स्टेटस दिया गया था, वह प्रशासनिक गलती का नतीजा था। इस सूचना के बाद नए फरमान की जद में आए लोगों में भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है।

इन खतों में कहा गया है कि संबंधित लोग ब्रेक्जिट की तय समय-सीमा तक आवश्यक पात्रता पूरी नहीं कर पाए थे, इसलिए उन्हें मिला रेजिडेंसी स्टेटस वैध नहीं माना जा सकता। ऐसे में अब उनके ब्रिटेन में रहने के अधिकार की दोबारा समीक्षा की जाएगी।

सबसे बड़ी चिंता उन लोगों की है, जो पिछले कई वर्षों से ब्रिटेन में नौकरी कर रहे हैं, टैक्स भर रहे हैं, पढ़ाई कर रहे हैं या अपने परिवार के साथ बस चुके हैं। उन्हें उम्मीद थी कि पांच साल पूरे होने पर उनका प्री-सेटल्ड स्टेटस स्वतः सेटल्ड स्टेटस में बदल जाएगी। लेकिन अब अचानक मिले सरकारी पत्र ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।

इस नए प्रशासनिक कदम के तहत गृह मंत्रालय अब उन लोगों के मामलों की जांच कर रहा है, जिन्हें अपना स्टेटस पूरी तरह से “सेटल्ड स्टेटस” में अपग्रेड करने के लिए अप्लाई करना जरूरी है। इसमें बच्चे, नॉन-यूरोपियन इकोनॉमिक एरिया (ईईए) के नागरिक और 31 दिसंबर 2020 के बाद आए कोई भी व्यक्ति शामिल हैं।

द गार्डियन के अनुसार, मंत्रालय ने यह बताने से मना कर दिया कि उसने कितने लोगों को लिखा था, लेकिन सूचना की आजादी के अनुरोध के ज़रिए 3 मिलियन कैंपेन ग्रुप को बताया गया है कि अकेले मार्च में 95 लोगों से संपर्क किया गया था।

पांच पन्नों के पत्र में कहा गया, “हमारे ध्यान में आया है कि आपको 31 दिसंबर 2020 की आधी रात से पहले, जब यूके ने ईयू से कानूनी तौर पर रिश्ते खत्म कर लिए थे, 'संबंधित ईईए नागरिक' की परिभाषा को पूरा करने के लिए जरूरी सबूत के बिना प्री-सेटल्ड स्टेटस दिया गया था।

इसमें आगे कहा गया, “अभी जो जानकारी और सबूत मौजूद हैं, उनके आधार पर, यह माना जाता है कि आपका प्री-सेटल्ड स्टेटस गलती से दिया गया था।”

--आईएएनएस

केआर/

Share this story

Tags