BREAKING:Lawrence Bishnoi: साबरमती जेल के ‘200 खोली’ ब्लॉक में शिफ्ट हुआ लॉरेंस बिश्नोई, गैंग के नेटवर्क पर लगाम लगाने की तैयारी
गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को अहमदाबाद की साबरमती सेंट्रल जेल के हाई-सिक्योरिटी ‘200 खोली’ ब्लॉक में शिफ्ट किए जाने की खबर है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस ब्लॉक में गंभीर अपराधों के आरोपियों और दोषियों को रखा जाता है। लॉरेंस को यहां रखने का उद्देश्य उसकी गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाना और दूसरे कैदियों से संपर्क सीमित करना बताया जा रहा है।
लॉरेंस 10 मई 2023 से साबरमती जेल में बंद है। हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नए ब्लॉक को चार हिस्सों में बांटा गया है। हर हिस्से में करीब 50 कैदी रखे गए हैं। लॉरेंस की सेल का आकार लगभग 7.5×11 फीट बताया गया है।
पहले ‘10 खोली’ ब्लॉक में रखा गया था
रिपोर्ट्स के मुताबिक, लॉरेंस को इससे पहले इसी जेल के हाई-सिक्योरिटी ‘10 खोली’ ब्लॉक में रखा गया था। वहां कैदियों की संख्या सीमित थी। इससे पहले वह दिल्ली की तिहाड़ जेल और पंजाब की अलग-अलग जेलों में भी रह चुका है।
जेल प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठाए गए कदमों का उद्देश्य कैदियों के बीच अनधिकृत आवाजाही और बाहरी संपर्क की संभावनाओं को कम करना बताया जा रहा है।
फोन कॉल और बाहरी संपर्क पर निगरानी
लॉरेंस बिश्नोई पर अतीत में जेल से फोन के जरिए धमकियां देने और रंगदारी मांगने के आरोप लगते रहे हैं। जेल में रहते हुए उसके कथित इंटरव्यू और गैंगस्टर शहजाद भट्टी के साथ बातचीत की रिकॉर्डिंग को लेकर भी चर्चा हुई थी।
हालांकि, मीडिया रिपोर्ट्स में जांचकर्ताओं के हवाले से दावा किया गया है कि पिछले दो वर्षों में लॉरेंस की ओर से सीधे फोन संपर्क का कोई मामला सामने नहीं आया है। उसकी डिजिटल पहुंच और बाहरी संपर्क को सीमित रखने के लिए कड़ी निगरानी की जा रही है।
विदेश से गैंग चलने का दावा
लॉरेंस के जेल में बंद होने के बावजूद उसके गिरोह की गतिविधियां विदेश से संचालित होने की बात जांच एजेंसियों और मीडिया रिपोर्ट्स में सामने आती रही है। रिपोर्ट्स में उसके नेटवर्क के अलग-अलग समूहों का जिक्र है। इनमें कुछ सदस्य कथित तौर पर रोजमर्रा के कामकाज और नए लोगों की भर्ती संभालते हैं, जबकि दूसरे समूह पर योजनाएं बनाने, फंडिंग और निशाने तय करने जैसे कामों में शामिल होने का आरोप है।
गोल्डी बराड़ और रोहित गोदारा जैसे नाम भी लॉरेंस नेटवर्क से जुड़ी रिपोर्ट्स में सामने आते रहे हैं। हालांकि, गिरोह की मौजूदा संरचना और अलग-अलग सदस्यों की भूमिका से जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।
टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के बाद फिर चर्चा में गैंग
18 अक्टूबर को मुंबई में अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग की घटना के बाद लॉरेंस गैंग का नाम फिर चर्चा में आया। खबरों के मुताबिक, लॉरेंस गैंग से जुड़े अनिल पंडित ने इस हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया था। किसी संगठन या व्यक्ति की ओर से जिम्मेदारी लेने का दावा अपने आप में उसकी भूमिका का निर्णायक प्रमाण नहीं होता। मामले में जांच एजेंसियों के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से अदालती सुनवाई में पेशी
रिपोर्ट्स के अनुसार, जेल से बाहर लॉरेंस की कानूनी कार्यवाही मुख्य रूप से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होने वाली अदालती सुनवाई और वकीलों से कानूनी चर्चा तक सीमित है। उसकी दिनचर्या को लेकर भी कई तरह के दावे सामने आते रहे हैं, जिनमें ध्यान करना, हनुमान चालीसा पढ़ना और शाकाहारी भोजन करना शामिल है।
लॉरेंस को हाई-सिक्योरिटी ब्लॉक में शिफ्ट किए जाने की खबर ऐसे समय आई है, जब उसके गिरोह के नेटवर्क और कथित आपराधिक गतिविधियों को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, जेल की सुरक्षा व्यवस्था, संपर्क पर लगी पाबंदियों और गैंग की मौजूदा गतिविधियों से जुड़ी जानकारियों की आधिकारिक पुष्टि को ध्यान में रखना जरूरी है।

