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BREAKING : यूसुफ पठान विवादों में, 20 करोड़ की जमीन 5.5 करोड़ में खरीदने पर घिरे पूर्व क्रिकेटर, 4 महीने पहले छोड़ी थी TMC

BREAKING : यूसुफ पठान विवादों में, 20 करोड़ की जमीन 5.5 करोड़ में खरीदने पर घिरे पूर्व क्रिकेटर, 4 महीने पहले छोड़ी थी TMC

गुजरात सरकार ने पूर्व भारतीय क्रिकेटर और सांसद यूसुफ पठान को वडोदरा में 978 वर्ग मीटर का प्लॉट आवंटित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की मंजूरी दे दी है। इस जमीन की कुल कीमत करीब 20.53 करोड़ रुपये बताई जा रही है। प्रस्ताव के मुताबिक, 500 वर्ग मीटर जमीन मुफ्त दी जाएगी, जबकि बाकी 478 वर्ग मीटर जमीन के लिए निर्धारित कीमत का 55% भुगतान करना होगा।

इस तरह मुफ्त जमीन की अनुमानित कीमत करीब 10.50 करोड़ रुपये है, जबकि बाकी जमीन के लिए लगभग 5.52 करोड़ रुपये चुकाने होंगे। हालांकि, प्लॉट का अंतिम आवंटन और मालिकाना हक मिलने की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है।

इस जमीन को लेकर गुजरात सरकार और यूसुफ पठान के बीच करीब 14 साल से विवाद चल रहा है। अब सरकार के नए फैसले के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है।

नगर निगम की स्थायी समिति के सामने रखा गया प्रस्ताव

प्लॉट आवंटन को लेकर नगर निगम आयुक्त ने प्रस्ताव स्थायी समिति के सामने रखा है। इसके लिए जरूरी प्रशासनिक आदेश भी जारी किए जाने की जानकारी सामने आई है।

हालांकि, प्रस्ताव आगे बढ़ने का मतलब यह नहीं है कि जमीन का मालिकाना हक यूसुफ पठान को मिल चुका है। इसके लिए संबंधित निकायों की अंतिम मंजूरी और आवंटन की औपचारिकताएं पूरी होना जरूरी है।

साल 2012 में शुरू हुआ था जमीन का विवाद

यूसुफ पठान का परिवार वडोदरा के तांदलजा इलाके में रहता है। उनके घर के पास शुभम पार्टी प्लॉट के नजदीक 978 वर्ग मीटर जमीन स्थित है। वर्ष 2012 में यूसुफ पठान ने अपने बंगले के पास इस जमीन को आवंटित करने की मांग की थी।

नगर निगम स्तर पर प्रस्ताव आगे बढ़ाया गया था, लेकिन वर्ष 2014 में गुजरात सरकार ने सार्वजनिक नीलामी के बिना जमीन आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी। इसके बाद मामला अटक गया।

बाद में जमीन पर बाउंड्री वॉल और पशुओं के लिए शेड बनाए जाने को लेकर भी विवाद हुआ। नगर निगम की कार्रवाई के खिलाफ यूसुफ पठान अदालत पहुंचे थे। अब करीब 14 साल बाद जमीन आवंटन की प्रक्रिया दोबारा शुरू होने से मामले ने फिर सुर्खियां बटोरी हैं।

14 साल में कैसे आगे बढ़ा पूरा मामला?

  • 3 मार्च 2012: यूसुफ पठान ने नगर निगम आयुक्त को पत्र लिखकर अपने घर के पास 978 वर्ग मीटर जमीन आवंटित करने की मांग की। इसके बाद नगर निगम की बैठकों में प्रस्ताव आगे बढ़ाया गया और 99 साल की लीज पर जमीन देने पर विचार हुआ।

  • 9 जून 2014: गुजरात सरकार ने सार्वजनिक नीलामी के बिना जमीन आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी। इसके बाद प्रक्रिया रुक गई।

  • 6 जून 2024: नगर निगम ने जमीन से कथित अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई का आदेश दिया। यूसुफ पठान ने इस कार्रवाई को हाईकोर्ट में चुनौती दी।

  • 21 अगस्त 2025: गुजरात हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी।

  • 4 फरवरी 2026: यूसुफ पठान ने सिंगल जज के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच में अपील की। सुनवाई के दौरान जमीन के आवंटन और कब्जे को लेकर सवाल उठाए गए।

  • 15 जून 2026: यूसुफ पठान के वकील ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों को जमीन देने से संबंधित राज्य सरकार की नीति का हवाला देते हुए अपनी दलीलें पेश करने के लिए समय मांगा।

  • 18 जून 2026: नगर निगम ने शहर के सात प्लॉट की नीलामी का प्रस्ताव स्थायी समिति के सामने रखा। इनमें तांदलजा स्थित 978 वर्ग मीटर का प्लॉट भी शामिल था। इसकी कीमत 2.10 लाख रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से करीब 20.53 करोड़ रुपये आंकी गई।

  • 31 अगस्त 2026: यूसुफ पठान ने हाईकोर्ट से अपनी अपील वापस ले ली। इसके बाद जमीन आवंटन से जुड़ी प्रक्रिया के आगे बढ़ने का रास्ता बना।

कितनी जमीन मुफ्त मिलेगी और कितना करना होगा भुगतान?

प्रस्ताव में जमीन के दो हिस्से किए गए हैं। पहला हिस्सा 500 वर्ग मीटर का है, जिसकी अनुमानित कीमत 10.50 करोड़ रुपये बताई गई है। यह हिस्सा मुफ्त देने की बात कही गई है।

दूसरा हिस्सा 478 वर्ग मीटर का है। इसके लिए निर्धारित कीमत का 55% भुगतान करना होगा, जो करीब 5.52 करोड़ रुपये बताया जा रहा है।

दोनों हिस्सों को मिलाकर प्रस्तावित भुगतान और मुफ्त जमीन का कुल मूल्य लगभग 16.02 करोड़ रुपये बैठता है। हालांकि, मूल प्लॉट की बताई गई कुल कीमत 20.53 करोड़ रुपये है। इसलिए आवंटन की अंतिम शर्तों और भुगतान की गणना की आधिकारिक पुष्टि महत्वपूर्ण होगी।

अब अंतिम मंजूरी का इंतजार

यूसुफ पठान के लिए इस जमीन का मामला लंबे समय से कानूनी और प्रशासनिक विवाद का विषय रहा है। वर्ष 2012 में शुरू हुई मांग, राज्य सरकार की असहमति, नगर निगम की कार्रवाई और हाईकोर्ट में चली सुनवाई के बाद अब आवंटन की प्रक्रिया दोबारा आगे बढ़ती दिखाई दे रही है।

फिलहाल स्थायी समिति और संबंधित अधिकारियों की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि जमीन का अंतिम आवंटन किन शर्तों पर किया जाएगा। इसलिए अभी यह कहना सही नहीं होगा कि यूसुफ पठान को प्लॉट का मालिकाना हक मिल चुका है।

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