BREAKING : नोएडा में दर्दनाक हादसा: चलती स्लीपर बस बनी आग का गोला, 9 यात्री जिंदा जले; 19 चालान के बावजूद दौड़ रही थी बस
टर नोएडा के यमुना एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बस में लगी भीषण आग के मामले में अब बड़ा खुलासा हुआ है। हादसे में 9 यात्रियों की मौत हो गई, जबकि कई यात्रियों ने खिड़कियों से कूदकर अपनी जान बचाई। पुलिस ने मामले में बस के ड्राइवर और कंडक्टर को गिरफ्तार कर लिया है।
सबसे बड़ा सवाल अब बस के पुराने रिकॉर्ड को लेकर उठ रहा है। सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक, हादसे का शिकार हुई बस पर 19 ट्रैफिक चालान दर्ज थे, जिनकी कुल रकम करीब 1.75 लाख रुपये बताई जा रही है। रिपोर्टों के मुताबिक, इन उल्लंघनों के बावजूद बस का संचालन जारी रहा। इनमें जनवरी 2026 में नाबालिग चालक द्वारा बस चलाने पर लगाया गया चालान भी शामिल बताया गया है।
हादसा 23 सितंबर की रात करीब 11:30 बजे यमुना एक्सप्रेसवे पर जेवर इलाके के पास हुआ। बस दिल्ली के कश्मीरी गेट से महोबा जा रही थी और उसमें करीब 30 से 35 यात्री सवार थे। अचानक बस में आग फैल गई और देखते ही देखते पूरा वाहन आग की लपटों में घिर गया।पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, बस के AC में स्पार्क या ब्लास्ट के बाद इंजन के लुब्रिकेटिंग ऑयल में आग लगने की आशंका है। इसके बाद आग तेजी से बस के दूसरे हिस्सों में फैल गई। हादसे में 9 लोगों की मौत जलने या दम घुटने से हुई बताई गई है।
मामले में यात्रियों की शिकायत भी सामने आई है। शिकायत के मुताबिक, कुछ यात्रियों ने ड्राइवर को बस के अंदर जलने जैसी गंध आने की जानकारी दी और बस रोकने को कहा था। आरोप है कि इसके बावजूद बस तुरंत नहीं रोकी गई। इन आरोपों की जांच पुलिस कर रही है।अब जांच का फोकस इस बात पर है कि 19 चालान और लगातार सामने आ रहे नियम उल्लंघनों के बावजूद बस सड़क पर कैसे चलती रही और उसकी फिटनेस व परमिट की निगरानी किस तरह हुई। हादसे के बाद बस संचालन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

