BREAKING : शाहजहांपुर में दिल दहला देने वाली वारदात: शिव मंदिर में 2 साधुओं की नृशंस हत्या, लकड़ियों की चिता बनाकर जलाए शव!
उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर से एक मंदिर में दो साधुओं की हत्या का मामला सामने आया है। खुदागंज के सूथा गांव स्थित शिव मंदिर में दोनों साधुओं के शव बुरी तरह जले हुए मिले। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, वारदात के बाद मंदिर परिसर में ही लकड़ियां रखकर शवों को जलाने की कोशिश की गई।गुरुवार सुबह करीब 7 बजे गांव के लोगों ने मंदिर से धुआं उठता देखा। मौके पर पहुंचने पर एक शव जलता हुआ मिला, जबकि दूसरा शव काफी हद तक जल चुका था।दोनों शव मंदिर परिसर में करीब 10 मीटर की दूरी पर पड़े मिले। मृतकों की पहचान बाबा गोपाल दास और बाबा बिहारी दास के रूप में हुई है। दोनों मंदिर में रहकर पूजा-पाठ और सेवा करते थे।
सुबह मंदिर पहुंचने पर सामने आया मामला
मंदिर की साफ-सफाई करने वाले द्रगपाल के मुताबिक, वह सुबह करीब 7 बजे मंदिर पहुंचा था। वहां उसने दोनों शवों को जलते हुए देखा और इसकी सूचना पुलिस को दी।उसने बताया कि बुधवार दोपहर करीब 3 बजे उसकी साधुओं से आखिरी मुलाकात हुई थी। इसके बाद वह अपने घर चला गया था।घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। फॉरेंसिक टीम ने भी मंदिर परिसर में पहुंचकर साक्ष्य जुटाए हैं।
जमीन को लेकर विवाद का एंगल
घटना की जांच में मंदिर की जमीन से जुड़े विवाद का एंगल भी सामने आया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि मंदिर की जमीन को लेकर कुछ लोगों का साधुओं से विवाद था।हालांकि, इन आरोपों की पुलिस जांच कर रही है और अभी हत्या की वजह को लेकर अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
एक संदिग्ध हिरासत में
पुलिस ने मामले में सुमित नाम के एक संदिग्ध को हिरासत में लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है।परिजनों और ग्रामीणों की ओर से उस पर पहले भी विवाद और हमले से जुड़े आरोप लगाए गए हैं। पुलिस उसके पुराने रिकॉर्ड और घटना के समय उसकी मौजूदगी समेत दूसरे पहलुओं की जांच कर रही है।
70 वर्षीय गोपाल दास लंबे समय से मंदिर में रह रहे थे
ग्रामीणों के मुताबिक, बाबा गोपाल दास की उम्र करीब 70 साल थी और वह लगभग 20 वर्षों से मंदिर में रह रहे थे। वह कथावाचक भी थे।
परिजनों के अनुसार, उनकी पत्नी की करीब 25 साल पहले मौत हो गई थी। उनकी एक बेटी है, जिसकी शादी हो चुकी है। परिवार का कहना है कि कुछ दिन पहले गोपाल दास घर आए थे और गया जाने की बात कही थी, लेकिन रास्ते में चोट लगने के बाद वापस लौट आए थे।
बिहारी दास भी लंबे समय से मंदिर की सेवा कर रहे थे
दूसरे मृतक बाबा बिहारी दास करीब 60 साल के थे और अविवाहित थे। बताया जा रहा है कि वह करीब 10 साल से मंदिर में रहकर सेवा कर रहे थे।
करीब एक महीने पहले वह गोपाल दास के साथ रहने लगे थे।
आरोपी के मानसिक इलाज की भी जानकारी सामने आई
पुलिस जांच के दौरान संदिग्ध सुमित के मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी भी सामने आई है। बताया गया है कि उसका मानसिक रोग विशेषज्ञ से इलाज चल रहा था। हालांकि, पुलिस इस पहलू समेत हत्या से जुड़े सभी तथ्यों की जांच कर रही है।एसपी सौरभ दीक्षित समेत वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों व मृतकों के परिजनों से जानकारी ली। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं।फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और हत्या की सही वजह तथा वारदात में शामिल लोगों की भूमिका जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी।

